बिहार बंद का संग्राम, सड़कों पर छात्र आंदोलन, पुलिस का शिकंजा तेज, मोतिहारी से पटना तक सुरक्षा का अभेद्य घेरा
Bihar Bandh:बिहार बंद के ऐलान के बाद पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सरकार और पुलिस ने संभावित हिंसा, उपद्रव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों से निपटने के लिए सुरक्षा का कड़ा चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।
Bihar Bandh: नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब बिहार में बड़े सियासी और प्रशासनिक टकराव का रूप ले चुका है। बिहार बंद के ऐलान के बाद पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सरकार और पुलिस ने संभावित हिंसा, उपद्रव और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों से निपटने के लिए सुरक्षा का कड़ा चक्रव्यूह तैयार कर लिया है।राजधानी पटना में भी सुरक्षा व्यवस्था को किले में तब्दील कर दिया गया है। पटना जंक्शन समेत सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। स्टेशन परिसर में यात्रियों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस ने आम लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में संभावित बवाल को रोकने के लिए जिला पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही सादे लिबास में पुलिसकर्मियों को भी मैदान में उतारा गया है, ताकि भीड़ में छिपे संदिग्धों की पहचान की जा सके। पूरे शहर पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस का मकसद साफ है कि किसी भी कीमत पर शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश को नाकाम किया जाए।
इस बीच 22 जुलाई को पटना में हुए प्रदर्शन, हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। देर रात माले विधायक संदीप सौरभ को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा AISA के छात्र नेता समेत पांच अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस का आरोप है कि संदीप सौरभ समेत कई लोगों ने प्रदर्शनकारी भीड़ का नेतृत्व किया और उनके खिलाफ कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अब तक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 27 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें करीब 2000 अज्ञात छात्रों को आरोपी बनाया गया है। वहीं 270 छात्रों की तस्वीरें जारी कर उनकी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक अब तक 93 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
दरअसल, नीट पेपर लीक मामले और परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर से बिहार तक पहुंच गया। पिछले कई दिनों से राज्य के अलग-अलग जिलों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी। कई जिलों में लाठीचार्ज के आरोप लगे, जबकि जहानाबाद में फायरिंग की घटना के बाद छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया।प्रदर्शन के जवाब में कुछ स्थानों पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। अब प्रशासन की कोशिश है कि आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी कार्रवाई हो, जबकि छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।फिलहाल बिहार में हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं। एक तरफ छात्र अपने हक और जवाबदेही की मांग को लेकर सड़क पर हैं, तो दूसरी ओर पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी ताकत के साथ मोर्चे पर तैनात है।