सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में तीसरी सोमवारी पर हेलीकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 1 बजे रात में खुलेगा पट

कल 17 अगस्त को श्रावण की तीसरी सोमवारी है। इस मौके पर पूर्वी चंपारण के अरेराज स्थित प्रसिद्ध सोमेश्रवरनाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर विशेष तैयारी की गई है। सोमवारी के दिन पहली बार हेलीकॉप्टर से शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा होगी....

सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में तीसरी सोमवारी पर हेलीकॉप्टर से होगी पुष्प वर्षा- फोटो : हिमांशु

Motihari : जिले के अरेराज स्थित प्रसिद्ध सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 'बिहार के काशी' के नाम से विख्यात इस मनोकामनापूरक मंदिर में पवित्र नदियों से जलभरी कर पड़ोसी देश नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। रविवार दोपहर से ही भक्तों के जत्थों का आना लगातार जारी है।


इतिहास में पहली बार हेलीकॉप्टर से होगी शिव भक्तों पर पुष्प वर्षा 

अंचलाधिकारी (CO) विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि इस वर्ष तीसरी सोमवारी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा के लिए विशेष रूप से पटना से हेलीकॉप्टर मंगाया जा रहा है। मंदिर परिसर के साथ-साथ पूरे शहर में शिव भक्तों पर आसमान से फूल बरसाए जाएंगे। इस ऐतिहासिक पहल की खबर मिलते ही स्थानीय निवासियों, व्यवसायियों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है।


500 पुलिस पदाधिकारी व दंडाधिकारी तैनाततीन लेयर में सुरक्षा 

सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए एसडीओ अंजली शर्मा, डीएसपी नवीन कुमार, सीओ विनोद पांडेय और थाना अध्यक्ष प्रत्याशा कुमारी ने मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग, वाहन पड़ाव स्थल तथा प्रवेश व निकास द्वारों का गहन निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए तीन स्तरीय (Three-Layer) सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है, जिसमें 500 से अधिक पुलिस अधिकारियों, दंडाधिकारियों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा सर्किल इंस्पेक्टर पी. के. सामर्थ्य के नेतृत्व में पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकालकर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की।


रात बजे खुलेगा मंदिर का पटवाहनों के प्रवेश पर रोक 

भक्तों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रथम पूजा के बाद रविवार देर रात 1:00 बजे ही मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए छोटी और बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वाहनों के लिए शहर के बाहर पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से पर्याप्त प्रकाश, शुद्ध पेयजल, साफ-सफाई, स्वास्थ्य शिविर और 24 घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था की गई है।


हिमांशु की रिपोर्ट