Bihar News : मोतिहारी एसपी ने दी सख्त चेतावनी, बिना जांच बुजुर्गों और नाबालिगों का नाम केस में डाला, तो नपेंगे थानेदार, टॉय गन चमकाने वालों पर भी होगी FIR
Bihar News : मोतिहारी एसपी ने सख्त चेतावनी दी है की बिना आरोप की सत्यता जांच व उम्र का सत्यापन किए बृद्ध व नाबालिग बच्चों का केस में नाम देते है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.....पढ़िए आगे
MOTIHARI : पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने जिले के कानून व्यवस्था को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। एसपी ने जिले के सभी डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर और थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि बिना किसी ठोस सबूत और उम्र के सत्यापन के किसी भी बुजुर्ग या नाबालिग बच्चे का नाम किसी मुकदमे में शामिल न किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि अगर बिना वजह किसी वृद्ध या बच्चे को केस में घसीटा गया, तो संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इस आदेश के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि कांडों के अनुसंधान (तफ्तीश) और अक्सर लगने वाले जनता दरबार में यह बात खुलकर सामने आ रही थी। आपसी रंजिश या विवाद में लोग जानबूझकर दूसरे पक्ष के नाबालिग बच्चों या घर के बुजुर्गों का नाम केस में डलवा देते हैं, ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। अब पुलिस ऐसे मामलों में आंख मूंदकर एफआईआर दर्ज नहीं करेगी। सभी थानों को निर्देश दिया गया है कि प्राथमिकी दर्ज करते समय ही उम्र का सही सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा की "सुपरविजन (पर्यवेक्षण) के दौरान भी सभी वरीय पुलिस अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे कि किसी भी निर्दोष बुजुर्ग या बच्चे का नाम बेवजह केस डायरी में न रहे। गलत तरीके से नाम डालने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।"
पुलिस कप्तान के इस फैसले के बाद मोतिहारी के आम लोगों और बुद्धिजीवियों ने राहत की सांस ली है। प्रबुद्धजनों का कहना है कि अक्सर झूठे मुकदमों की वजह से बच्चों का भविष्य खराब हो जाता था और बुजुर्गों को इस उम्र में अदालतों के चक्कर काटने पड़ते थे। एसपी की इस संवेदनशील और कानून सम्मत पहल की पूरे जिले में खूब प्रशंसा हो रही है, क्योंकि इससे पुलिसिंग की छवि में भी सुधार आएगा और निर्दोषों को प्रताड़ित होने से बचाया जा सकेगा।
इसके साथ ही, एसपी स्वर्ण प्रभात ने सोशल मीडिया पर हथियारों का भौकाल काटने वालों को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने बताया कि इन दिनों सोशल मीडिया पर 'एयर गन' या 'टॉय गन' (खिलौना बंदूक) के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर रौब झाड़ने का चलन बढ़ा है। ऐसे प्रदर्शन से आम जनता में दहशत और समाज में अराजकता का माहौल पैदा होता है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया है कि सोशल मीडिया पर नकली या असली हथियार का प्रदर्शन करने वाले लोगों को चिन्हित कर उन पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।
हिमांशु की रिपोर्ट