Bihar News : मोतिहारी में नकली खाद बनाने वाली फैक्ट्री का पुलिस ने किया पर्दाफाश, नमक से बनाई जा रही थी DAP और पोटाश

Bihar News : मोतीहारी पुलिस ने नकली खाद बनानेवाली फैक्ट्री का उद्भेदन किया है. पुलिस ने नकली उर्वरक के साथ 20 टन नमक व मशीन बरामद किया है....पढ़िए आगे

नकली खाद फैक्ट्री - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में किसानों के साथ धोखाधड़ी और उनकी जेब पर डाका डालने वाले बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। सिकरहना डीएसपी और अनुमंडल पदाधिकारी के संयुक्त नेतृत्व में पुलिस और कृषि विभाग की टीम ने घोड़ासहन थाना क्षेत्र में एक अवैध और नकली उर्वरक बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया—यहां नमक का इस्तेमाल करके नकली डीएपी और पोटाश तैयार किया जा रहा था।

यह पूरी कार्रवाई घोड़ासहन थाना क्षेत्र के चंदनबारा गांव स्थित मदनी चौक के समीप 'मेसर्स अंश ट्रेडर्स' के गोदाम में हुई, जिसका प्रोपराइटर खलीकुर्रहमान बताया जा रहा है। मामले की शुरुआत तब हुई जब गश्ती के दौरान पुलिस ने अवैध उर्वरक से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया। जब पकड़े गए पिकअप चालक और कागजातों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने चंदनबारा स्थित इस गोदाम का सुराग दिया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई।

गोदाम में छापेमारी के दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीम को भारी मात्रा में फर्जीवाड़ा करने की सामग्री मिली। मौके से लगभग 20 टन नमक, नकली डीएपी, एमओपी (पोटाश), उर्वरक पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले दर्जनों खाली बोरे, स्टिचिंग मशीन, ऑक्सीजन सिलेंडर और नकली उर्वरक तैयार करने के कई रासायनिक उपकरण जब्त किए गए। पुलिस की मानें तो इस गोदाम में बड़े पैमाने पर नमक में रंग मिलाकर नकली खाद तैयार की जाती थी और उसे असली ब्रांडेड बोरों में पैक कर किसानों को बेचा जाता था।

उल्लेखनीय है कि भारत-नेपाल सीमा से सटा घोड़ासहन थाना क्षेत्र पिछले कुछ समय से अवैध खाद कारोबार और नकली उर्वरक निर्माण का गढ़ बनता जा रहा है। महज 15 दिन पूर्व भी इसी इलाके में अवैध उर्वरक के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई थी। इस बार की छापेमारी में सिकरहना के अनुमंडल अधिकारी, सिकरहना डीएसपी, ढाका व घोड़ासहन थाने की पुलिस बल के साथ अनुमंडल कृषि पदाधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

फिलहाल पुलिस और कृषि विभाग की टीम जब्त किए गए उर्वरक और बोरों की गिनती व वैज्ञानिक जांच में जुटी हुई है। गोदाम के मालिक और इस काले कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसानों के हकों पर डाका डालने वाले इस रैकेट के हर नेटवर्क को खंगाला जाएगा और दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिमांशु की रिपोर्ट