Bihar News: बिहार में साल 2025 की मौत! निकाली अर्थी, श्मशान पहुँचा कर दी गई अंतिम विदाई

Bihar News: बिहार में साल 2025 को कुछ अलग ही अंदाज़ में विदा किया गया। वर्ष 2025 की शव यात्रा निकाली गई और उसे श्मशान तक पहुँचा कर अंतिम विदाई दी गई।...

बिहार में साल 2025 की मौत! निकाली अर्थी- फोटो : reporter

Bihar News: जहाँ देश-दुनिया में लोग पुराने साल की विदाई और नए साल का स्वागत में केक, आतिशबाज़ी और जश्न के रंग में डुबो देते हैं, वहीं मुंगेर में साल 2025 को कुछ अलग ही अंदाज़ में विदा किया गया। यहाँ न तो डीजे बजे, न पटाखों की गूँज सुनाई दी, बल्कि पूरे रीति-रिवाज़ के साथ वर्ष 2025 की शव यात्रा निकाली गई और उसे श्मशान तक पहुँचा कर अंतिम विदाई दी गई।

यह अनोखा और हैरतअंगेज़ नज़ारा मुंगेर के बरियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत NH-80 पर देखने को मिला, जहाँ बच्चों ने दिसंबर माह की प्रतीकात्मक अर्थी तैयार की। चार कंधों पर वर्ष 2025 की अर्थी उठाए बच्चे, आगे-आगे सफ़ेद धोती बदन से लपेटे, हाथ में घईला में प्रज्ज्वलित अग्नि देव लिए, -राम नाम सत्य है- के नारे लगाते हुए सड़क पर निकल पड़े।

अचानक इस दृश्य को देख मुंगेर-भागलपुर मुख्य मार्ग पर अफ़रा-तफ़री और कौतुहल का माहौल बन गया। राहगीर, वाहन चालक और यहाँ तक कि गुजरती पुलिस गाड़ी भी रुक गई। कुछ पल तक किसी को समझ नहीं आया कि मामला क्या है। जब दृश्य साफ़ हुआ और लोगों को पता चला कि यह किसी इंसान की नहीं, बल्कि साल 2025 की अर्थी है, तो गंभीरता ठहाकों में बदल गई। लोग हँसते-हँसते पेट पकड़ते नज़र आए।

बच्चों ने पूरे विधि-विधान के साथ वर्ष 2025 का दाह संस्कार किया और उसके बाद तालियों, मुस्कान और उत्साह के साथ आगामी नववर्ष 2026 का स्वागत किया। यह दृश्य न केवल मनोरंजक था, बल्कि अपने भीतर एक तीखा कटाक्ष भी समेटे हुए था मानो बच्चे बीते साल की परेशानियों, तकलीफ़ों और अनुभवों को अग्नि के हवाले कर नए साल से नई उम्मीदें जोड़ रहे हों।

मुंगेर का यह अनोखा आयोजन यह बताने के लिए काफ़ी था कि जश्न मनाने के तरीके बदले जा सकते हैं, लेकिन भावनाएँ और प्रतीकात्मकता हमेशा ज़िंदा रहती है। साल 2025 को श्मशान पहुँचा कर बच्चों ने उसे इतिहास बना दिया और 2026 के लिए उम्मीदों की नई दीवार सजा दी।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान