Bihar News : तारापुर की गलियों में गूँजी अपनी मिट्टी की मिठास, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'ठेठी' अंदाज में जीता अपनों का दिल
MUNGER : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब सड़क मार्ग से अपने गृह क्षेत्र तारापुर पहुँचे, तो फिजाओं में अपनों के स्वागत का उत्साह साफ नजर आया। अपने घर पहुँचने के क्रम में स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। पूरे रास्ते फूलों की वर्षा की गई और उन्हें मालाओं से लाद दिया गया। अपने नेता को अपने बीच पाकर क्षेत्रवासियों में जबरदस्त जोश देखने को मिला, जिसे मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर और मुस्कुराकर स्वीकार किया।
सिंचाई भवन में जनसंवाद और जनसमस्याएं
औपचारिक स्वागत के बाद मुख्यमंत्री सिंचाई भवन परिसर में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने केवल मंच साझा नहीं किया, बल्कि सीधे आम जनता के बीच जाकर उनसे मुलाकात की। क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए एक हजार से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी के आवेदन लिए और उनके दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।
'ठेठी' अंदाज में झलका मिट्टी का प्रेम
कार्यक्रम का सबसे भावुक और चर्चा का विषय रहा मुख्यमंत्री का स्थानीय भाषा में संबोधन। उन्होंने पूर्णतः क्षेत्रीय 'ठेठी' अंदाज में बात कर लोगों से सीधा नाता जोड़ लिया। उन्होंने जनता से संवाद करते हुए कहा— "हाल छींको तारापुर, सही जगह में छींके न..."। उन्होंने बड़ी सादगी से यह स्वीकार किया कि उन्हें विधायक बनाने वाले और मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचाने वाले यही लोग हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार के आशीर्वाद के साथ-साथ जनता के समर्थन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
विकास का संकल्प और भविष्य की योजनाएं
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने तारापुर, संग्रामपुर, तेटियाबंबर और असरगंज के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि उनकी भारी जीत (45 हजार वोटों का अंतर) ने ही उन्हें प्रदेश की सेवा करने की शक्ति दी है। उन्होंने वादा किया कि भले ही व्यस्तता के कारण वे कम आ पाते हों, लेकिन अब हर महीने कम से कम एक बार अपने लोगों के बीच जरूर आएंगे ताकि विकास की गति बनी रहे।
सुंदर बिहार और युवाओं के लिए आह्वान
अंत में, मुख्यमंत्री ने अपने खास अंदाज में भविष्य का विजन साझा किया। उन्होंने बिहार को सुंदर बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने जनता से सहयोग मांगते हुए मजाकिया और आत्मीय लहजे में कहा कि जब यहाँ से "छुट्टी" मिलेगी, तभी वे पटना में जाकर प्रदेश के लिए काम कर पाएंगे। उनके इस अपनेपन भरे संवाद ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया।
इम्तियाज़ की रिपोर्ट