Iran Israel tension: खाड़ी में जंग से मुंगेर में बेचैनी, मिसाइल हमलों की खबर से परदेस गए बेटों की सलामती को तरसते परिवार

Iran Israel tension: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात की गूंज अब बिहार के गांवों तक सुनाई देने लगी है।...

खाड़ी में जंग से मुंगेर में बेचैनी- फोटो : reporter

Iran Israel tension:  खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात की गूंज अब बिहार के गांवों तक सुनाई देने लगी है। खबरें हैं कि इरान की ओर से कुवैत, दुबई और ओमान की दिशा में हमलों की आशंका और सैन्य हलचल ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। इसका असर सीधे तौर पर बिहार के मुंगेर जिले के उन गांवों पर पड़ रहा है, जहां के दर्जनों लोग रोजी-रोटी की तलाश में खाड़ी देशों में काम करते हैं।

मुंगेर सदर प्रखंड के सुजावलपुर, मिर्जापुर बरदह और आसपास के इलाकों में इन दिनों बेचैनी का आलम है। यहां के करीब 70 लोग सुदी और कतर, कुवैत और दुबई में मजदूरी या तकनीकी काम करते हैं। यही लोग अपने परिवारों की रोजी-रोटी का सहारा हैं। लेकिन खाड़ी में तनाव और मिसाइल हमलों की खबरों ने गांवों में डर और चिंता का साया फैला दिया है।

ईद की खुशियां और घरों में होने वाली शादियों की तैयारियां इस बार मायूसी में बदलती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि करीब 40–50 लोग ईद के मौके पर घर आने वाले थे। कई लोगों ने टिकट भी बुक कर लिए थे, लेकिन हालात बिगड़ने और उड़ानों पर असर पड़ने के कारण उनकी यात्रा रद्द हो गई।

सुजावलपुर की रहने वाली मदीना बेगम की आवाज में दर्द साफ झलकता है। वह बताती हैं कि उनकी बेटी की शादी 30 मार्च को है। बेटी के अब्बू और भाई ने 15 मार्च की फ्लाइट का टिकट कराया था, लेकिन हालात खराब होने के कारण टिकट रद्द हो गया। अब बेटी की शादी में पिता और भाई के शामिल न हो पाने का गम पूरे परिवार को बेचैन कर रहा है।

इधर गांव के लोग हर दिन मोबाइल पर वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए अपने अपनों की खबर ले रहे हैं। कई परिवारों को बताया गया है कि कंपनियों ने कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए जमीन के नीचे बने बंकरों में रखा है, जहां खाने-पीने की व्यवस्था भी की गई है।

हालांकि हाल के दिनों में हमलों की खबरें कुछ थमती बताई जा रही हैं, लेकिन मुंगेर के इन गांवों में हर दिल दुआ कर रहा है  खाड़ी में अमन लौट आए और परदेस गए उनके अपने सही सलामत घर लौट आएं। यहां हर घर में एक ही पुकार है बस हमारे लोग सुरक्षित वापस आ जाएं।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान