Bihar News : प्रशांत किशोर का नीतीश कुमार पर बड़ा हमला, जदयू पर परिवारवाद का लगाया आरोप, कहा-बिहार नहीं गुजरात होगी सत्ता की प्राथमिकता

Bihar News : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जदयू पर परिवारवाद का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा की अब बिहार नहीं गुजरात सता की प्राथमिकता होगी.......पढ़िए आगे

जदयू पर परिवारवाद का आरोप - फोटो : IMTIYAZ

MUNGER : बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने मुंगेर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक निजी होटल में मुंगेर के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के संभावित उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के साथ रणनीतिक बैठक करने के बाद पत्रकारों से मुखातिब किशोर ने कहा कि जो नीतीश कुमार कभी परिवारवाद के खिलाफ झंडा बुलंद करते थे, आज उनकी पार्टी जदयू भी उसी 'बीमारी' की चपेट में आ गई है। उन्होंने दावा किया कि जदयू अब परिवारवाद से अछूता नहीं रहा और वहां भी उत्तराधिकार की राजनीति शुरू हो चुकी है।

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली और उनके राजनीतिक भविष्य पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि आगामी तीन महीनों के भीतर नीतीश कुमार स्वेच्छा से या भारी दबाव में आकर मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं। किशोर ने मुख्यमंत्री की शारीरिक और मानसिक स्थिति का हवाला देते हुए पूर्व में भी सवाल उठाए थे और अब मुंगेर में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो भी हों, नीतीश कुमार अब लंबे समय तक इस पद पर बने रहने की स्थिति में नहीं हैं।

बिहार के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए प्रशांत किशोर ने 'बाहरी नियंत्रण' का मुद्दा उठाया। उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की राजनीति अब ऐसे मोड़ पर पहुँच गई है जहाँ आने वाले समय में सत्ता उन लोगों के हाथ में जा सकती है जिनकी प्राथमिकता बिहार नहीं, बल्कि 'गुजरात' होगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि ऐसा हुआ तो बिहार की आर्थिक दिशा पूरी तरह प्रभावित होगी और राज्य के उद्योगों पर बाहरी लोगों का वर्चस्व बढ़ जाएगा, जिससे यहाँ के लोग केवल मजदूरी तक ही सीमित रह जाएंगे।

मुंगेर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने जन सुराज के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र लक्ष्य जन सुराज को गांव-गांव और समाज के हर व्यक्ति तक पहुँचाना है ताकि बिहार के लोग एक नया विकल्प चुन सकें। विधानसभा चुनाव के बाद वे लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं ताकि पार्टी की जड़ों को गहरा किया जा सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर जनता के बीच जाएं और उन्हें 'नई राजनीति' के लिए तैयार करें।

कुल मिलाकर, प्रशांत किशोर के इस बयान ने बिहार की सियासत में एक नई बहस छेड़ दी है। नीतीश कुमार के इस्तीफे की 'समय सीमा' तय करने और सत्ता के 'गुजरात कनेक्शन' वाले उनके दावों पर जदयू की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आने की उम्मीद है। मुंगेर की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में प्रशांत किशोर की रणनीति सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के लिए बड़ी चुनौती पेश करने वाली है। फिलहाल, राजनीतिक गलियारों में किशोर के इन दावों की गहराई और उनके भविष्य के निहितार्थों पर चर्चा तेज है। 

इम्तियाज़ की रिपोर्ट