सावन की आखिरी सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, हर हर महादेव से गूंजा बिहार
Bihar News: श्रावण मास की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बिहार के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।...
Bihar News: श्रावण मास की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बिहार के प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय हो उठा। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की कामना की।
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबस्थान मंदिर में अंतिम सोमवारी को श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। उत्तर बिहार का देवघर कहे जाने वाले इस शिव मंदिर में बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्त कतार में खड़े नजर आए। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, भीड़ और बढ़ती गई। मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास की सड़कों पर भी श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी रही।
अंतिम सोमवारी को संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव और वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार ने खुद मोर्चा संभाला और मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने लगातार भीड़ की स्थिति, यातायात व्यवस्था और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी।श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मंदिर और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई। भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और CCTV कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया।प्रशासन की सतर्कता के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से बाबा गरीबनाथ का जलाभिषेक किया। किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। भक्तों का मानना है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव का जलाभिषेक करने से बाबा उनकी मनोकामना पूरी करते हैं।
अरेराज में भी शिवभक्तों का जनसैलाब
उधर, पूर्वी चंपारण के अरेराज स्थित श्री सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में भी सावन की अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बिहार की काशी कहे जाने वाले अरेराज में दूर-दराज से पहुंचे शिवभक्तों ने कतारबद्ध होकर महादेव का जलाभिषेक किया।अंतिम सोमवारी पर भक्तों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था की गई। भक्त अरघा के माध्यम से भगवान सोमेश्वरनाथ का जलाभिषेक करते नजर आए।भारी भीड़ को देखते हुए प्रथम पूजा के बाद रात करीब 2 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े और जलाभिषेक की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से शुरू हो सके।
सावन की अंतिम सोमवारी पर मुजफ्फरपुर से अरेराज तक शिवालयों में उमड़ी भीड़ ने बिहार की धार्मिक आस्था की भव्य तस्वीर पेश की। एक ओर मंदिरों में घंटियों और जयकारों की गूंज सुनाई दी, तो दूसरी ओर प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर पूरी मुस्तैदी दिखाई।फिलहाल दोनों प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर रहे हैं। अंतिम सोमवारी के साथ सावन मास का धार्मिक उत्साह चरम पर पहुंच गया है और शिवभक्त बाबा के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।
कटिहार मनिहारी गंगा घाट पर सुरक्षा कड़ी
सावन के महीने में है आखिरी सोमवारी और पूर्णिमा को लेकर कटिहार के मनिहारी गंगा घाट में भोले भक्तों का हुजूम उमरता है, इसके लिए प्रशासनिक तैयारी के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक कार्यकर्ता भी पूरी तरह लोगों के सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, मनिहारी गंगा घाट में सिर्फ कटिहार जिला का ही नहीं बल्कि आसपास के जिला के साथ साथ बंगाल,असम और नेपाल तक से लोग सावन के पवित्र गंगा स्नान करने के लिए पहुंचते हैं और साथ ही पवित्र गंगाजल ले जाकर अपने-अपने इलाके के शिवालय में जल अभिषेक करते हैं, ऐसे में कटिहार मनिहारी गंगा घाट में दो एसडीआरएफ के टीम को भी तैनात किया गया है,
रिपोर्ट- मुजफ्फरपुर से मणिभूषण शर्मा, मोतिहारी से हिमांशु