मुजफ्फरपुर में पुलिस के बुलडोजर का खौफ: कुर्की करने पहुंची टीम को देख दो शातिर अपराधियों ने घुटने टेके, किया सरेंडर

Bihar News : इन दिनों बिहार पुलिस द्वारा अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए अपनाई जा रही लगातार दबिश, कुर्की और यूपी की तर्ज पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई से पूरे सूबे के अपराधियों में भारी खौफ का माहौल दिख रहा है...

मुजफ्फरपुर में पुलिस के बुलडोजर का खौफ- फोटो : मनीभूषण शर्मा

Muzaffarpur : बिहार में इन दिनों अपराधियों और कानून को ठेंगा दिखाने वाले फरार अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस का एक बेहद सख्त और आक्रामक रूप देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले से पुलिसिया मुस्तैदी का एक बड़ा असर सामने आया है, जहां पुराने मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस की धमक देख दो बड़े आरोपियों ने डर के मारे पुलिस के सामने घुटने टेक दिए और खुद को कानून के हवाले कर दिया।


बगही मालिकाना गांव में बुलडोजर देख भागा-भागा आया अभियुक्त

पहली बड़ी कार्रवाई मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के बगही मालिकाना गांव की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कई गंभीर मामलों में नामजद और लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अभियुक्त सुभाष भगत उर्फ सुरेश महतो के खिलाफ माननीय न्यायालय द्वारा कुर्की-जब्ती का कड़ा आदेश जारी किया गया था। इस अदालती आदेश के अनुपालन में मोतीपुर थाने की पुलिस भारी सुरक्षा बल और क्रेन-बुलडोजर के साथ अचानक उसके दरवाजे पर जा धमकी। पुलिस के इस रौद्र रूप और घर टूटने के डर की भनक लगते ही अभियुक्त सुभाष भगत भागा-भागा थाने पहुंचा और आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया।


मोरसंडी मठिया गांव में भी चला पुलिस का 'सख्त' फॉर्मूला

बुलडोजर एक्शन का ऐसा ही दूसरा खौफनाक नजारा मोरसंडी मठिया गांव में देखने को मिला। यहाँ पुलिस की हिट लिस्ट में शामिल एक अन्य शातिर अभियुक्त विजय राय के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के लिए पुलिस टीम पूरी तैयारी के साथ उसके गांव पहुंची थी। जैसे ही पुलिस की गाड़ियों का काफिला और बुलडोजर विजय राय के घर के बाहर आकर रुका, वैसे ही उसके परिजनों और खुद अभियुक्त के होश उड़ गए। घर पर बुलडोजर चलते और संपत्ति कुर्क होते देख विजय राय ने बिना कोई चालाकी किए तुरंत पुलिस के सामने सरेंडर करना ही मुनासिब समझा।


फरार अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अपनाई 'जीरो टॉलरेंस' नीति

मुजफ्फरपुर पुलिस की इस त्वरित और आक्रामक रणनीति ने पूरे जिले के अपराधियों और वारंटियों के बीच एक साफ संदेश दे दिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जो भी अपराधी कानून से खिलवाड़ कर लंबे समय से छिपे बैठे हैं, उनके खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत कड़ा एक्शन लिया जा रहा है। कोर्ट से आदेश मिलते ही फरार आरोपियों के घरों की ढोल-नगाड़े बजाकर मुनादी कराई जा रही है और कुर्की-जब्ती की जा रही है, जिससे अपराधियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो चुके हैं।


अपराधियों में दिखा कानून का खौफ, आम जनता ने ली राहत की सांस

इन दिनों बिहार पुलिस द्वारा अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए अपनाई जा रही लगातार दबिश, कुर्की और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई जैसे कदमों से पूरे सूबे के अंडरवर्ल्ड और आपराधिक गिरोहों में भारी खौफ का माहौल देखा जा रहा है। मुजफ्फरपुर की इन दोनों बैक-टू-बैक बड़ी कार्रवाइयों के बाद स्थानीय आम जनमानस ने राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि पुलिस के इस कड़े रुख से न केवल अपराध ग्राफ में गिरावट आएगी, बल्कि आम नागरिकों में कानून और व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास भी पैदा होगा।


मणिभूषण की रिपोर्ट