Bihar Crime : मुजफ्फरपुर में 1 रुपये के नोट और तेजपत्ता कोड से चल रहा था शराब का काला खेल, भारी मात्रा में स्प्रिट उत्पाद विभाग की टीम ने किया जब्त

Bihar Crime : मुजफ्फरपुर के उत्पाद विभाग की कार्रवाई में भारी मात्रा में स्प्रिट की खेप को जप्त किया गया है. 1 रुपये के नोट और तेजपत्ता कोड से काला कारोबार चल रहा था.....पढ़िए आगे

शराब का काला खेल - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : जिले के उत्पाद विभाग ने शराब तस्करों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो स्प्रिट की सप्लाई के लिए किसी हाई-टेक गैजेट का नहीं बल्कि '1 रुपये के नोट' और 'तेजपत्ता' पर लिखे गुप्त नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे। विभाग ने इस कार्रवाई में कुल 330 लीटर स्प्रिट और भारी मात्रा में नकली शराब बनाने की सामग्री जब्त की है। मामले में एक टेंपो चालक को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य शराब माफिया भागने में सफल रहे।

होम्योपैथिक दवा की बोतलों में छिपा था स्प्रिट

उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर के बैरिया बस स्टैंड से एक बस के जरिए स्प्रिट की खेप पहुंची है, जिसे टेंपो के माध्यम से करजा थाना क्षेत्र ले जाया जा रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने सदर थाना क्षेत्र के पताही हवाई अड्डा के पास घेराबंदी कर एक टेंपो को पकड़ा। तलाशी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब होम्योपैथिक दवा की बोतलों में भरा हुआ 180 लीटर स्प्रिट बरामद हुआ। मौके से मुसहरी निवासी चालक सूरज कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

तेजपत्ता और नोट से डिकोड होती थी सप्लाई

गिरफ्तार चालक की तलाशी के दौरान उत्पाद विभाग को उसके पास से 1 रुपये का नोट और एक तेजपत्ता मिला, जिस पर कुछ खास नंबर लिखे हुए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि तस्करों का नेटवर्क इसी नंबर को 'कोड' के रूप में इस्तेमाल करता था। स्प्रिट की डिलीवरी तभी होती थी जब प्राप्तकर्ता इन नंबरों को सही तरीके से डिकोड कर मिलान करता था। तस्करों का यह तरीका सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपनाया गया था।

मुर्गी फार्म में चल रही थी नकली शराब की फैक्ट्री

चालक की निशानदेही पर उत्पाद विभाग की टीम ने करजा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर खाजे गांव स्थित सुमित पटेल के मुर्गी फार्म पर छापेमारी की। वहां से 150 लीटर अतिरिक्त स्प्रिट बरामद किया गया। साथ ही वहां से ब्रांडेड शराब के खाली रैपर, ढक्कन और नकली शराब बनाने के अन्य उपकरण भी मिले। जांच से स्पष्ट हुआ कि यहाँ स्प्रिट के जरिए नकली विदेशी शराब का निर्माण कर उसे बाजार में खपाने की तैयारी थी।

मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी

उत्पाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि छापेमारी की भनक लगते ही मुख्य माफिया सुमित पटेल और नीरज सहनी मौके से फरार हो गए। हालांकि, उनके ठिकानों से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। विभाग अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रहा है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटा है। यह कार्रवाई बिहार में अवैध शराब के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। 

मणिभूषण की रिपोर्ट