Bihar News : तिरहुत DIG की बड़ी कार्रवाई, इंस्पेक्टर सदरे आलम को सेवा से किया बर्खास्त, 11 हजार की रिश्वत लेते निगरानी की टीम ने किया था गिरफ्तार

Bihar News : मुजफ्फरपुर में तिरहुत डीआईजी ने इंस्पेक्टर सदरे आलम को सेवा से बर्खास्त किया है. उसे निगरानी की टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है.......पढ़िए आगे

इंस्पेक्टर सदरे आलम सेवा से बर्खास्त - फोटो : MANIBHUSHAN

MUZAFFARPUR : तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी विभाग द्वारा रिश्वत लेते पकड़े गए पुलिस आरक्षी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) सदरे आलम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह मामला वर्ष 2021 का है, जब अहियापुर थाने में तैनात इंस्पेक्टर को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

चाय की दुकान पर ली थी रिश्वत

घटनाक्रम के अनुसार, 29 सितंबर 2021 को अहियापुर थाना क्षेत्र के सिपाहपुर निवासी तबसुम आरा ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद, 30 सितंबर 2021 को निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और अहियापुर थाने के सामने स्थित एक चाय की दुकान पर इंस्पेक्टर सदरे आलम को 11,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा था।

जांच टीम ने पाया था दोषी

इस गंभीर मामले की विभागीय जांच के लिए डीएसपी पूर्वी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। जांच के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) सहरियार अख्तर ने अपनी रिपोर्ट में इंस्पेक्टर सदरे आलम को पूरी तरह दोषी पाया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने अंतिम रिपोर्ट तिरहुत रेंज के डीआईजी को सौंपी थी, जिसमें सेवा से निष्कासन की सिफारिश की गई थी।

डीआईजी चंदन कुशवाहा का कड़ा फैसला

जांच रिपोर्ट का गहन अध्ययन करने के बाद डीआईजी चंदन कुशवाहा ने इंस्पेक्टर सदरे आलम को पुलिस सेवा के अयोग्य मानते हुए बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। डीआईजी की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग के उन अधिकारियों और कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है, जो भ्रष्टाचार या अनैतिक कार्यों में संलिप्त रहते हैं।

भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

यह कार्रवाई बिहार पुलिस की छवि सुधारने और जनता में विश्वास जगाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है कि वर्दी की आड़ में कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। सदरे आलम की बर्खास्तगी के बाद अहियापुर इलाके और पुलिस महकमे में इस कार्रवाई की काफी चर्चा हो रही है। 

मणिभूषण की रिपोर्ट