Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में पुलिस-ग्रामीण झड़प में युवक की मौत! परिवार ने लगाया हत्या का आरोप

Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर के चोरनिया गांव में पुलिस और ग्रामीणों की झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस दौरान परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। अब मामले की जांच CID कर रही है।

मुजफ्फरपुर में पुलिस-ग्रामीण झड़प में युवक की मौत!- फोटो : news4nation

Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में कुछ दिन पहले एक गंभीर घटना हुई, जिसमें पुलिस और गांव के लोगों के बीच टकराव हो गया और इस दौरान जगवीर राय नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। परिवार वालों ने पुलिस पर सीधे तौर पर गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि उन पर हमला हुआ था और उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए गोली चलाई।

पूरी घटना उस समय की है जब गायघाट थाना की पुलिस टीम देर रात एक पास्को एक्ट के आरोपी को पकड़ने के लिए उसके घर पर छापेमारी करने पहुंची थी। इसी दौरान गांव के कुछ लोग वहां इकट्ठा हो गए और पुलिस के साथ उनकी कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों तरफ से झड़प हो गई। इस झड़प में पुलिस की कई गाड़ियां टूट गईं और कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इसी बीच जगवीर राय को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

मृतक के परिवार वालों ने आरोप लगाया

घटना के बाद मृतक के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर गोली मारकर उनकी हत्या की है। वहीं पुलिस ने अपनी सफाई में कहा कि जब वे आरोपी को पकड़ने गए थे, तब गांव के लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिसके बाद उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए गोली चलानी पड़ी और किसी तरह वे वहां से निकल सके।

गांव में हंगामा शुरू 

सुबह होते ही गांव में हंगामा शुरू हो गया। परिवार वाले और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और जोरदार विरोध करने लगे। जैसे ही इस बात की जानकारी पुलिस विभाग को मिली, तुरंत बड़े अधिकारी और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। लोगों की मांग थी कि उस समय के थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।

शव का मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम

इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और सबूत इकट्ठा किए। इस घटना के बाद मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गायघाट थाना प्रभारी सहित पूरी छापेमारी टीम को निलंबित कर दिया। घटना के बाद यह मामला राजनीतिक रूप भी लेने लगा। कई बड़े नेता जैसे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी गांव पहुंचे और परिवार से मिलकर न्याय की मांग की। इस कारण यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई

इस पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। सीआईडी की टीम तेजी से जांच कर रही है। हाल ही में सीआईडी के अधिकारी फिर से गांव पहुंचे और मृतक के परिवार से मिलकर उनका पक्ष सुना और घटना से जुड़ी जानकारी ली। जांच जारी है और सभी को अब इस बात का इंतजार है कि सच्चाई क्या सामने आती है।

मुजफ्फरपुर से मनीभूषण की रिपोर्ट