डूमेट्रिक मशीन का शोर बना काल! मेमू की चपेट में आने से रेलवे हेल्पर की मौत, रेल ट्रैक मरम्मती का कर रहा था काम

ट्रैक मरम्मती के दौरान डाउन लाइन से गुजर रही मेमू ट्रेन की चपेट में आने से एक 25 वर्षीय रेलवे हेल्पर की जान चली गई। डूमेट्रिक मशीन के शोर के कारण कर्मचारी ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका, जिससे यह भीषण दुर्घटना हुई।

Muzaffarpur - मुजफ्फरपुर रेलखंड के कुमारबाग समपार फाटक के पास शनिवार की अहले सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। अप लाइन पर ट्रैक मरम्मती के दौरान डाउन लाइन से गुजर रही मेमू ट्रेन की चपेट में आने से एक 25 वर्षीय रेलवे हेल्पर की जान चली गई। डूमेट्रिक मशीन के शोर के कारण कर्मचारी ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका, जिससे यह भीषण दुर्घटना हुई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी आशीष कुमार के रूप में हुई है।

घटना शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे की है, जब कुमारबाग समपार फाटक संख्या पांच (एलसी) के समीप रेल ट्रैक की मरम्मती का कार्य चल रहा था। रेलवे की आउटसोर्सिंग एजेंसी में कार्यरत हेल्पर आशीष कुमार (25 वर्ष) अन्य कर्मियों के साथ वहां मौजूद था। रेलवे द्वारा अप लाइन पर एक घंटे का ब्लॉक लिया गया था और वहां डूमेट्रिक मशीन से काम किया जा रहा था। मशीन की तेज आवाज के कारण डाउन लाइन पर आ रही 63338 मेमू ट्रेन की आहट आशीष को सुनाई नहीं दी।

जैसे ही ट्रेन डाउन लाइन से गुजरी, वहां खड़े आशीष को जोरदार धक्का लगा और वह करीब चार फीट दूर जाकर गिरा। इस टक्कर में उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। कार्यस्थल पर मौजूद मेठ ललन राम और अन्य कर्मियों ने उसे तुरंत चनपटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन दुर्भाग्यवश चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक आशीष कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के संत रविदास नगर (भदोही) जिले के इब्राहिमपुर ऊपरवार गांव का रहने वाला था।

सूचना मिलते ही चनपटिया थाने की पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थानाध्यक्ष प्रभाकर पाठक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) बेतिया भेज दिया गया है। स्टेशन अधीक्षक अनंत बैठा ने स्पष्ट किया कि काम के लिए अप लाइन में ब्लॉक लिया गया था, जबकि ट्रेन नियमानुसार डाउन लाइन से गुजर रही थी। पुलिस अब आवेदन मिलने का इंतजार कर रही है ताकि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की आगे की जांच की जा सके।