नालंदा ने बिहार में गाड़ा झंडा! 'जीरो' हुआ बिजली बिल तो DM ने उपभोक्ताओं को बनाया 'सौर ऊर्जा अग्रदूत
नालंदा बना बिहार का सोलर हब! जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने 60 उपभोक्ताओं को 'सौर ऊर्जा अग्रदूत' सम्मान से सम्मानित किया। जिले में अब तक 900 से अधिक घरों में सोलर पैनल लग चुके हैं, जिससे बिजली बिल जीरो हो गया है और नालंदा प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुँच
Nalanda - प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को धरातल पर उतारने में नालंदा जिले ने बड़ी सफलता हासिल की है। शुक्रवार को बिहारशरीफ के टाउन हॉल में आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह में जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार (IAS) द्वारा जिले के 60 विद्युत उपभोक्ताओं को ‘सौर ऊर्जा अग्रदूत’ सम्मान से नवाजा गया। इन उपभोक्ताओं ने अपने घरों में सोलर प्लांट लगाकर न केवल अपनी बिजली की जरूरतें पूरी कीं, बल्कि अपना मासिक बिजली बिल भी शून्य कर लिया है।
प्रमुख उपभोक्ताओं और वेंडरों का हुआ सम्मान
सम्मान समारोह के दौरान संदीप कुमार, अनीता देवी, अनिल कुमार, मो. अभियाज जाफरी, सोनी कुमारी और शम्भू लाल विश्वकर्मा सहित दर्जनों उपभोक्ताओं को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके अलावा, जिले में इस योजना के प्रचार-प्रसार और बेहतर कार्य करने वाले 5 चयनित संवेदकों (वेंडरों) को भी उपहार और पारितोषिक देकर प्रोत्साहित किया गया।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए डीएम कुंदन कुमार ने सूर्य ऊर्जा को अनंत स्रोत बताया। उन्होंने प्राचीन छठ महापर्व का उदाहरण देते हुए कहा कि यह अक्षय ऊर्जा न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि जीवाश्म आधारित ईंधन पर निर्भरता कम कर भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करती है। उन्होंने वहां उपस्थित छात्रों को बताया कि भारत सरकार का लक्ष्य 2030 तक अपनी कुल ऊर्जा क्षमता का 50% हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों से प्राप्त करना है।
बिहार में नालंदा का दबदबा: दूसरे पायदान पर पहुँचा जिला
सोलर पैनल स्थापना के मामले में नालंदा वर्तमान में पूरे बिहार में दूसरे स्थान पर है। जिले की प्रमुख उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:
इंस्टालेशन: अब तक 949 उपभोक्ताओं के घरों में कुल 3,180 किलोवॉट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
भविष्य का लक्ष्य: ऊर्जा विभाग ने वर्ष 2026 के अंत तक नालंदा में 2,000 रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा है।
विशेष चयन: पटना और मुजफ्फरपुर के साथ नालंदा को केंद्र के सिटी एक्सलेरेटेड प्रोग्राम (CAP) में चुना गया है, जिससे जिले को तकनीकी और क्षमता निर्माण में विशेष सहायता मिलेगी।