Bihar News : नीलगायों के कहर से बर्बादी की कगार पर नालंदा के किसान, खेती छोड़ने को हुए मजबूर, अब मुखिया ने वन विभाग से लगाई गुहार

Bihar News : नालंदा के किसान नीलगायों के कहर से बर्बादी के कगार पर पहुँच गए हैं. इस मामले को लेकर उन्होंने वन विभाग से गुहार लगाया है......पढ़िए आगे

नीलगायों का कहर - फोटो : RAJ

NALANDA : जिले के चंडी प्रखंड अंतर्गत बढ़ोना गांव में इन दिनों नीलगाय का आतंक किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। खेतों में लहलहाने वाली फसलें नीलगाय के झुंड द्वारा लगातार नष्ट की जा रही हैं, जिससे किसान बेहद मजबूर और निराश नजर आ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई किसानों ने खेती तक छोड़ दी है।

किसानों का कहना है कि नीलगाय झुंड में खेतों में घुसकर फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर देती हैं। दिन-रात की कड़ी मेहनत के बावजूद लागत तक नहीं निकल पा रही है। इससे किसानों में गहरा आक्रोश और निराशा है। महीनों की मेहनत पर पानी फिरता देख किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। नीलगाय की बढ़ती समस्या से निजात पाने के लिए आज किसानों ने पंचायत के मुखिया अशोक प्रसाद को लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था की मांग की गई है। आवेदन मिलने के बाद पंचायत के मुखिया अशोक प्रसाद भी गंभीर नजर आए। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्या को देखते हुए वन विभाग के डीएफओ से बातचीत की गई है। नीलगाय नियंत्रण को लेकर वन विभाग के अधिकारियों और शूटर से भी संपर्क किया जा रहा है।

मुखिया ने कहा कि किसानों से आवेदन प्राप्त हुआ है और इस पर त्वरित कार्रवाई की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। बहुत जल्द वन विभाग की टीम द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर किसानों की फसलों को बचाने का प्रयास किया जाएगा।फिलहाल किसान प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना यह है कि नीलगाय के आतंक से किसानों को कब तक राहत मिल पाती है।

गौरतलब है कि नीलगाय की समस्या अब केवल गांवों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसकी गूंज सदन तक पहुंच चुकी है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने हाल ही में नीलगाय का नाम बदलने की मांग भी उठाई है, जिससे यह मुद्दा और भी चर्चा में आ गया है।

राज की रिपोर्ट