Bihar News:भाकपा माले ने बिहार की औद्योगिक नीति पर उठाया सवाल, सांसद ने कहा-फैक्ट्री लगाने वालों में भगदड़ जैसी स्थिति
Bihar News: बिहार की औद्योगिक नीति को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है।
Bhagalpur : बिहार की औद्योगिक फिज़ा को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भागलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान आरा से सांसद और भाकपा (माले) नेता सुदामा प्रसाद ने राज्य की इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार में फैक्ट्री लगाने वाले उद्यमियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई है और निवेश के बाद कई उद्योगपति खुद को असहज महसूस कर रहे हैं।
सांसद ने मिसाल देते हुए कहा किआरा जिले के एक कारोबारी ने इथनॉल फैक्ट्री स्थापित की, लेकिन मौजूदा नीतिगत हालात और बाजार की अनिश्चितता के कारण अब वे “माथा ठोकने” की स्थिति में हैं। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियों में स्थिरता का अभाव है और स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से उद्योगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा। इससे निवेशकों के बीच असुरक्षा और असमंजस का माहौल पैदा हो रहा है।
सुदामा प्रसाद ने डिजिटल इकोनॉमी के बढ़ते दायरे पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी कंपनियों के वर्चस्व से छोटे और मध्यम व्यापारियों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हो रही है। पारंपरिक बाजार सिमट रहे हैं और स्थानीय व्यापारी प्रतिस्पर्धा में खुद को कमजोर महसूस कर रहे हैं।उन्होंने सरकार से मांग की कि छोटे व्यापारियों की हिफाज़त के लिए ठोस नीति बनाई जाए, ताकि स्थानीय बाजार और परंपरागत व्यापार संरक्षित रह सकें।
भाकपा (माले) सांसद ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई फैसले बिना जमीनी तैयारी के लागू किए जा रहे हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है। इसका सीधा असर उद्योग और व्यापार जगत पर पड़ रहा है। सुदामा प्रसाद ने दो टूक कहा कि अगर बिहार में उद्योगों को वास्तविक बढ़ावा देना है, तो निवेशकों के लिए स्थिर और भरोसेमंद माहौल तैयार करना होगा। साथ ही छोटे और मध्यम व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए विशेष पैकेज और नियामक सुधार की जरूरत है।सियासी हलकों में उनके इस बयान को राज्य की औद्योगिक नीति पर बड़ा हमला माना जा रहा है।
रिपोर्ट: अंजनी कुमार कश्यप