नीट पेपर लीक: मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में आईबी की दस्तक, ताले तोड़कर कमरों की घंटों ली गई तलाशी

आज बुधवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीम और पावापुरी थाना पुलिस ने भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान में एक बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया। यह ऑपेशन नीट पेपर लीक मामले को लेकर चलाया गया.....

नीट पेपर लीक को लेकर नालंदा के मेडिकल कॉलेज में तलाशी- फोटो : राज

Nalanda : नीट पेपर लीक और कथित सॉल्वर गैंग की जांच की आंच अब मेडिकल कॉलेजों के भीतर तक पहुंच गई है। बुधवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीम और पावापुरी थाना पुलिस ने भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान में एक बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जांच एजेंसियों ने हॉस्टल और आवासीय परिसरों की सघन तलाशी ली, जिससे पूरे कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच हड़कंप मच गया।


ताला तोड़कर कमरों की हुई जांच 

पुलिस की मौजूदगी में इंटर्न हॉस्टल के कमरा नंबर-110 और टाइप-4 आवास के कमरा नंबर-502 की विशेष जांच की गई। सूत्रों के अनुसार, इन कमरों के ताले तोड़कर तलाशी ली गई। कमरा नंबर-110 एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार का बताया जा रहा है, जिसे जांच एजेंसियां सॉल्वर गैंग का मुख्य सरगना मानकर चल रही हैं। वहीं, दूसरे कमरे में उज्ज्वल और राजा बाबू के रहने की बात सामने आई है।


इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज खंगाले 

छापेमारी के दौरान जांच टीम ने कमरों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, नोट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कब्जे में लिए हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी आधिकारिक बरामदगी की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच और पूछताछ की प्रक्रिया निरंतर जारी है, जिससे नेटवर्क के अन्य हिस्सों का खुलासा होने की उम्मीद है।


सरगना अवधेश और संदिग्धों का प्रोफाइल 

जांच में यह बात सामने आई है कि अवधेश कुमार पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था और मेडिकल विषयों पर उसकी गहरी पकड़ थी। एजेंसियों को संदेह है कि उसने इसी क्षमता का उपयोग सॉल्वर नेटवर्क तैयार करने में किया। इसके विपरीत, संदिग्ध राजा बाबू के बारे में जानकारी मिली है कि वह एमबीबीएस की पढ़ाई में कई बार फेल हो चुका था और संघर्ष कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि आर्थिक तंगी या जल्दी पैसे कमाने के लालच में वह इस नेटवर्क का हिस्सा बना।


पूरे नेटवर्क को खंगाल रही एजेंसियां 

जांच एजेंसियां अब इन संदिग्ध छात्रों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंक ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया कनेक्शन को बारीकी से खंगाल रही हैं। यह भी पता चला है कि उज्ज्वल और अमन मौसेरे भाई हैं, जिससे इस मामले में पारिवारिक संपर्कों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन संपर्कों के जरिए सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।


राज की रिपोर्ट