नवादा में पांच डॉक्टर समेत 10 पर केस, पांच कर्मी भेजे गये जेल, मरीजों के साथ हो रहा था बड़ा खेल
छापेमारी के दौरान आरोग्यम हॉस्पिटल और डॉ. रविकेयर हॉस्पिटल (दोनों हरिश्चंद्र स्टेडियम के पास स्थित) को मौके पर ही सील कर दिया गया। कुल छह कर्मियों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से एक महिला एएनएम को प्रमाण पत्र दिखाने के बाद छोड़ दिया गया
Bihar News: नवादा में अवैध रूप से बिना निबंधन के अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। इस संबंध में पांच चिकित्सकों सहित 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि पांच कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। नवादा सदर प्रखंड की प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी के आवेदन पर नगर थाने में 30 जुलाई की देर शाम कांड संख्या-786/26 दर्ज किया गया। आरोपितों पर विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक न्यायभंग, छल, जालसाजी, जीवन को खतरे में डालना, लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जिलाधिकारी रविप्रकाश के निर्देश पर सदर एसडीएम अमित अनुराग के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी, जिसने यह अभियान चलाया। टीम में एसडीपीओ, टाउन एसएचओ, बीडीओ सदर और मेडिकल ऑफिसर शामिल थे। लगातार महिला व बच्चों की मौत की शिकायतों के बाद यह जांच शुरू की गई थी।
छापेमारी के दौरान आरोग्यम हॉस्पिटल और डॉ. रविकेयर हॉस्पिटल (दोनों हरिश्चंद्र स्टेडियम के पास स्थित) को मौके पर ही सील कर दिया गया। कुल छह कर्मियों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से एक महिला एएनएम को प्रमाण पत्र दिखाने के बाद छोड़ दिया गया। शेष पांच कर्मी पंकज कुमार आरोग्यम, रविशंकर कुमार व राजकरण रविकेयर, सन्नी कुमार उर्फ रंजन चौधरी एंड गिरजा ट्रामा सेंटर और अजय प्रसाद सिंह जनजीवन इमरजेंसी को जेल भेज दिया गया है।
जिन चिकित्सकों को नामजद किया गया है, उनमें डॉ. गिशु श्वेता (ऐन्जल मैटरनिटी), डॉ.आरपी गुप्ता अमृत हॉस्पिटल, डॉ. नीरज कुमार चौधरी व डॉ. नवनीत कुमार चौधरी चौधरी एंड गिरजा ट्रामा सेंटर तथा डॉ. प्रह्लाद कुमार जनजीवन इमरजेंसी शामिल हैं।
जांच में पाया गया कि अधिकांश संस्थान बिना निबंधन, विशेषज्ञ डॉक्टर, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, अग्निशमन प्रमाण पत्र, जैव-अपशिष्ट निपटान व्यवस्था और फार्मासिस्ट के संचालित हो रहे थे। कई जगह ऑपरेशन थिएटर भी विशेषज्ञों के बिना चलाए जा रहे थे और ऑक्सीजन सिलेंडर भी नदारद मिले। एक संस्थान में प्रसव के दौरान बच्चे की मौत का आरोप भी लगा है।
अमन की रिपोर्ट