जमुई में छात्रा से बदसलूकी के खिलाफ AIPWA का प्रदर्शन, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और त्वरित न्याय की मांग

जमुई कांड के खिलाफ AIPWA का प्रदर्शन- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जमुई जिले में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित बदसलूकी और उत्पीड़न की घटना के विरोध में अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (AIPWA) ने नवादा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़ी महिलाओं ने शहर की प्रमुख सड़कों पर जुलूस निकाला और राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नवादा की सड़कों से गुजरता हुआ यह जुलूस शहर के प्रमुख भगत सिंह चौक पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए पुतला दहन किया और अपना विरोध दर्ज कराया।


सावित्री देवी के नेतृत्व में निकला जुलूस, सुरक्षा पर उठाए सवाल 

इस विरोध प्रदर्शन और जुलूस का नेतृत्व एआईपीडब्ल्यूए की अध्यक्ष सावित्री देवी ने किया। प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सावित्री देवी ने कहा कि राज्य में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के दिनों में नाबालिग बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ लगातार सामने आ रही अपराध की घटनाएं कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।


जमुई मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और त्वरित न्याय की मांग 

संगठन ने जमुई में घटी घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से मामले में संलिप्त सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। एआईपीडब्ल्यूए की कार्यकर्ताओं ने मांग रखी कि इस गंभीर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में कराई जाए, ताकि पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को समयबद्ध तरीके से न्याय मिल सके और अपराधियों के बीच कानून का कड़ा संदेश जाए।


दहेज प्रथा, उत्पीड़न और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा पर जोर 

प्रदर्शनकारियों ने केवल जमुई कांड ही नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न पर भी रोक लगाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास महिलाओं एवं छात्राओं की सुरक्षा पुख्ता की जानी चाहिए। इसके लिए संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्ती बढ़ाने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की जरूरत है।


मांगें पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी 

प्रदर्शन के अंत में एआईपीडब्ल्यूए की प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि महिलाओं व बच्चियों के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर त्वरित अंकुश नहीं लगाया गया और जमुई घटना के दोषियों को कठोरतम सजा नहीं दी गई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा। इस विरोध प्रदर्शन में संगठन से जुड़ी कई महिला कार्यकर्ता, सामाजिक प्रतिनिधि और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट