Nawada Cyber Crime: बिहार में बड़ा साइबर फ्रॉड! मॉल और कोचिंग फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों का खेल, 3 गिरफ्तार

Nawada Cyber Crime: भागलपुर में 48 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। जुडियो फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले नवादा के तीन युवक गिरफ्तार, अब तक 7 आरोपी पकड़े गए।

फर्जी फ्रेंचाइजी रैकेट का भंडाफोड़- फोटो : freepik

Nawada Cyber Crime: भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने 48 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नवादा जिले के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को बड़े मॉल और मशहूर कोचिंग संस्थानों की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शेखपुरा और आसपास के इलाकों में छापेमारी की और तीन आरोपियों को पकड़ लिया। उनके पास से कई अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस को यह मामला तब पता चला जब भागलपुर की एक महिला व्यवसायी ने शिकायत दर्ज कराई। महिला को मशहूर रिटेल ब्रांड ‘जुडियो’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का वादा किया गया था। आरोपियों ने भरोसा जीतकर उनसे 48 लाख रुपये ले लिए। बाद में जब फ्रेंचाइजी नहीं मिली, तब महिला को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद भागलपुर साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के कुछ सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जमुई और शेखपुरा जिलों में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के कुमरावां निवासी आशीष राज, शाहपुर थाना क्षेत्र के लालबीघा निवासी त्रिभुवन भास्कर और वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवई निवासी कृष्णकांत के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने की नई योजना

पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब लोगों को देशभर में पहचान रखने वाले कोचिंग संस्थान ‘बायजूस’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने की नई योजना बना रहा था। जब्त किए गए मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल जानकारी मिली है, जिसके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं। उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देश पर की गई। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह की निगरानी और साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम में पुलिस अवर निरीक्षक शिव कुमार सुमन, प्रशांत कुमार, रामकृष्ण, सन्नी कुमार और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों तक भी पहुंचने की कोशिश की जाएगी।