शराबबंदी वाले बिहार में PHED मंत्री के कथित रिश्तेदार पर FIR, हाजीपुर में ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद

वैशाली पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र में एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में महुआ के सुमित कुमार उर्फ चंदन समेत छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Vaishali  - बिहार के वैशाली जिले में शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि CPET रोड स्थित केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान के पास शराब की एक बड़ी खेप उतारी जाने वाली है । इस सूचना के सत्यापन के लिए थानाध्यक्ष अरविंद पासवान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विशेष छापेमारी की । पुलिस की गाड़ी को आता देख मौके पर मौजूद शराब कारोबारी अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहे 

ट्रक से बरामद हुई 8800 लीटर से अधिक शराब

पुलिस ने जब संदिग्ध ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर BR06GC3874) की तलाशी ली, तो उसके अंदर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई । ट्रक की बॉडी को त्रिपाल और मिट्टी नुमा खाद की बोरियों से ढककर शराब को छिपाया गया था । पुलिस द्वारा की गई गणना के अनुसार, कुल 8863.56 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है । इसमें इंपीरियल ब्लू और मैकडॉवेल्स जैसे महंगे ब्रांड शामिल हैं, जिन्हें चंडीगढ़ में बिक्री के लिए निर्मित किया गया था 


सुमित उर्फ चंदन समेत छह नामजद आरोपी

इस मामले में पुलिस ने कुल छह लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। प्राथमिकी के अनुसार, महुआ के रहने वाले सुमित कुमार उर्फ चंदन, विकास कुमार उर्फ बाला जी और राहुल सिंह मुख्य आरोपियों में शामिल हैं । इसके अलावा हाजीपुर सदर थाना क्षेत्र के अमित सिंह और मुजफ्फरपुर निवासी ट्रक मालिक मनोज कुमार निराला के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है । पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और ये पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहे हैं 

विदेशी शराब की बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

जब्त की गई शराब की कुल मात्रा में 375 ml और 180 ml की हजारों बोतलें शामिल हैं । पुलिस ने बरामद शराब और ट्रक को जब्त कर थाना मालखाना में सुरक्षित रखवा दिया है । थानाध्यक्ष अरविंद पासवान के बयान के आधार पर बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2022 की संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 44/26 दर्ज की गई है । मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों को भी इससे अवगत करा दिया गया है 

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है और ऐसे में शराब का कारोबार करना एक गंभीर संज्ञेय अपराध है । फिलहाल, पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है । इस कांड का अनुसंधान सहायक उप-निरीक्षक बासुकिनाथ झा को सौंपा गया है । स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस कार्रवाई से शराब माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।