Bihar Police Action:न्यूज4नेशन के खबर के बाद हरकत में प्रशासन, शराब पीने के मामले में डायल 112 पीटीसी सफकत खान तलब, SSP की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप

Bihar Police Action: मुजफ्फरपुर में News4Nation की खबर का ऐसा असर देखने को मिला है जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है।

After News4Nation Report 112 PCR Staff Summoned in Liquor Ca
न्यूज4नेशन के खबर के बाद हरकत में प्रशासन- फोटो : reporter

Bihar Police Action: मुजफ्फरपुर में News4Nation की खबर का ऐसा असर देखने को मिला है जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। महज कुछ ही घंटों में वायरल हुए एक वीडियो ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया और मामला सीधे वरीय पुलिस अधीक्षक तक पहुंच गया। इसके बाद कटरा थाना के डायल 112 पर तैनात पीटीसी सफकत खान को तत्काल पुलिस केंद्र तलब कर लिया गया, जिससे विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई। मामला उस वायरल वीडियो से जुड़ा है जिसमें कटरा थाना क्षेत्र के बकूची चौक के पास एक पुलिसकर्मी वर्दी में तैनात पीटीसी सफकत खान सार्वजनिक रूप से शराब का सेवन करते हुए दिखाई दे रहा है। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया और न्यूज प्लेटफॉर्म पर सामने आया, वैसे ही बहस और बवाल शुरू हो गया। खासकर News4Nation पर खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आ गया और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई।

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी पीटीसी को पुलिस केंद्र बुलाया गया, जहां उससे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई है। डीएसपी ईस्ट वन अलय वत्स ने भी बयान जारी कर इस कार्रवाई की पुष्टि की है। हालांकि अभी तक विस्तृत विभागीय कार्रवाई का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती स्तर पर मामले को गंभीर अनुशासनहीनता माना जा रहा है।

इस पूरे प्रकरण ने शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत और उसके पालन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता में इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोग तंज कसते हुए कह रहे हैं जब कानून के रखवाले ही जाम से दोस्ती करने लगें तो शराबबंदी का क्या मतलब रह जाता है?

सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से वायरल है। कई लोग इसे सिस्टम की नाकामी और वर्दी की बदनामी बता रहे हैं, तो कुछ इसे पुलिस विभाग के भीतर की कड़वी सच्चाई के तौर पर देख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग अभी भी इस वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठा रहे हैं और इसे फर्जी या एडिटेड वीडियो बताने की कोशिश कर रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर यही हरकत कोई आम नागरिक करता, तो क्या उसके खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी नहीं होती? और जब मामला वर्दीधारी का है, तो कार्रवाई की रफ्तार क्यों अलग नजर आती है?

फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सीमित है, जिससे मामला और अधिक रहस्यमय और संवेदनशील बन गया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ पूछताछ तक सीमित रहेगी या फिर कोई बड़ा अनुशासनात्मक कदम भी उठाया जाएगा।

मुजफ्फरपुर का यह मामला एक बार फिर कानून, वर्दी और जवाबदेही के बीच चल रही खींचतान को उजागर कर गया है, जिसने पूरे सिस्टम को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।

रिपोर्ट-मणिभूषण शर्मा