नवादा में टूटी हरदिया डैम की पुलिया, रेलवे कंपनी के ओवरलोडेड वाहनों से धंसी सड़क, 90 गांवों की पेयजल और सिंचाई प्रभावित

नवादा के रजौली में भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित एक सड़क से जुड़े एक पुलिया के गिर जाने से न सिर्फ आवागमन बाधित हो गया है बल्कि करीब 90 गांवों पर पेयजल आपूर्ति का संकट भी हो गया है.

Hardiya Dam in Rajauli- फोटो : news4nation

Bihar News : नवादा के रजौली तिलैया-कोडरमा रेलखंड के निर्माण में लगे भारी वाहनों की लापरवाही से रजौली प्रखंड के हरदिया पंचायत स्थित फुलवरिया डैम जाने वाले मार्ग की पुलिया टूट गई है। 1980 में बनी यह पुलिया भरभरा कर गिरने से हजारों ग्रामीणों, किसानों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। साथ ही क्षेत्र की सिंचाई और नल-जल योजना भी ठप हो गई है। रेलवे कंपनियों में चल रहे भारी मालवाहक वाहनों से ग्रामीण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई है। 


स्थानीय ग्रामीण जयेंद्र यादव उर्फ जालो यादव ने बताया कि हरदिया डैम की पुलिया का निर्माण 1980 में हुआ था। पिछले कुछ वर्षों से रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लोहे, बालू, सीमेंट और गिट्टी लदे ओवरलोडेड मालवाहक वाहन इसी रास्ते से बेरोकटोक गुजर रहे थे। इसी दबाव के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त होकर टूट गई। न्यू सिंगर निवासी विनोद राजवंशी ने कहा कि हादसे में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। लोगों को अब 3-4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।


सिंचाई और नल-जल योजना पर संकट 

हरदिया निवासी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिया के टूटने से किसानों की सिंचाई बाधित हो गई है। डैम से निकलने वाला पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है। जिंदल में पदस्थापित पंप ऑपरेटर पंकज कुमार ने बताया कि पुलिया के बगल से ही डैम से सप्लाई मशीन तक जाने वाला मुख्य पाइप गुजरा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने से बहुउद्देशीय जल परियोजना के तहत 90 गांवों को मिलने वाली नल-जल योजना भी प्रभावित हुई है। पुलिया बनने तक ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।


ग्रामीणों की मांग- कंपनी से भरवाएं हर्जाना  

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त पुलिया का अविलंब निर्माण कराया जाए। साथ ही कंपनी से हर्जाना वसूलकर वैकल्पिक पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था की जाए। फुलवरिया डैम क्षेत्र के दर्जनों गांव इस एकमात्र रास्ते पर निर्भर हैं। पुलिया के अभाव में न सिर्फ खेती प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी परेशानी हो रही है।


 ह्यूम पाइप डालने का आश्वासन 

इस संबंध में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता निशांत सिंह ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात रेलवे निर्माण में लगे एक मालवाहक वाहन के गुजरने से पुलिया की दीवार क्षतिग्रस्त हुई थी। बाद में पूरा ढांचा गिर गया। उन्होंने कहा कि पुलिया गिरने से डैम का पानी किसानों तक नहीं पहुंच रहा है। विभाग जल्द ही ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी तौर पर सिंचाई कार्य शुरू कराएगा। इस दौरान कनीय अभियंता रोहित गुप्ता समेत अन्य कर्मी मौके पर मौजूद थे।


वहीं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि ग्रामीण सड़क पर 10 टन से अधिक भारी वाहन के गुजरने पर रोक है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।

अमन की रिपोर्ट