पुल नहीं होने से ग्रामीण उफनती सकरी नदी पार करने को मजबूर, 2028 तक है पुल बनने की उम्मीद

जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीण- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले के गोविंदपुर प्रखंड के अंतर्गत पिपरा, डेलुआ, महावरा और शेखूपुर गांव के लोगों के लिए आवागमन एक बड़ी और जानलेवा चुनौती बन गया है। बारिश के मौसम में सकरी नदी में तेज उफान आने के बावजूद ग्रामीण, स्कूली बच्चे और बाइक चालक अपनी जान हथेली पर रखकर बहते पानी से गुजरने को विवश हैं। 


स्थानीय लोगों की यह मजबूरी है कि आसपास कोई नजदीक बाजार उपलब्ध नहीं है और झारखंड के रास्ते जाने पर प्रति व्यक्ति करीब 200 रुपये का अतिरिक्त खर्च आता है, जिससे बचने के लिए वे इस खतरनाक शॉर्टकट को चुनते हैं।


प्रशासनिक अनदेखी और पुराने हादसे 

ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर खतरे की पूरी जानकारी स्थानीय प्रशासन को होने के बावजूद आवागमन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। इस स्थान पर पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं जिनमें कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है, इसके बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।


54 करोड़ की लागत से बन रहा है पुल 

राहत की बात यह है कि महावरा घाट पर 600 मीटर लंबे नए पुल का निर्माण कार्य अक्टूबर 2025 से शुरू हो चुका है। लगभग 54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल के वर्ष 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, तब तक इन गांवों के ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर ही नदी पार करने को मजबूर होना पड़ेगा।


अमन की रिपोर्ट