नवादा में आकाशीय बिजली गिरी, युवक की मौत, तेज बारिश और आंधी के दौरान जिले में बरपा कहर
नवादा में आई बेमौसम की बारिश ने ऐसा कहर ढाया कि न सिर्फ पूरा शहर जलजमाव से त्रस्त हो गया बल्कि बड़े स्तर पर ग्रामीण इलाकों में लोगों को नुकसान झेलना पड़ा है यहां तक कि एक आदमी की वज्रपात से मौत हो गई.
Nawada News: नवादा जिले में तेज बारिश और आंधी के दौरान शुकवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बेलधा गांव में हुई। मृतक की पहचान बेलधा गांव निवासी कौशल कुमार के रूप में हुई है। घटना के समय कौशल कुमार भैंस चराने के लिए खेत में गए हुए थे। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हो गया और तेज आंधी, बारिश तथा गरज के साथ वज्रपात हुआ।
कौशल कुमार वज्रपात की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत वारिसलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद कौशल कुमार को मृत घोषित कर दिया। कौशल कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां, दो बेटे और वृद्ध माता-पिता छोड़ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उनकी बड़ी बेटी की शादी की बात चल रही थी। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
डूब गया नवादा!
वहीं शुक्रवार को नवादा जिले में हुई तेज बारिश और आंधी ने एक बार फिर पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। सदर अस्पताल से लेकर बाजार, सड़कें और आवासीय इलाके पानी में डूब गए। हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही नवादा का यही हाल होता है, लेकिन इस बार स्थिति और भी गंभीर दिख रही है।शुक्रवार सुबह से शुरू हुई तेज बारिश लगातार जारी रही। आंधी के साथ हुई इस वर्षा ने निचले इलाकों को पूरी तरह प्रभावित किया। सदर अस्पताल के परिसर में पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल पहुंचने वाले वाहन भी पानी में फंस गए।
सदर अस्पताल समेत कई वार्डों में जलजमाव
कई वार्डों जैसे और अन्य इलाकों में घरों के अंदर तक पानी घुस गया।स्थानीय लोगों ने बताया कि नालियों की सफाई न होने और पुरानी ड्रेनेज व्यवस्था के कारण पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्कूली बच्चों को घर जाने में दिक्कत हुई। कई दुकानदारों को अपने सामान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
कुछ जगहों पर पंपिंग मशीनें लगाई जा रही हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “हर साल यही होता है, लेकिन प्रशासन सिर्फ वादे करता है, कोई ठोस कदम नहीं उठाता।”नवादा की भौगोलिक स्थिति और अनियोजित विकास भी इस समस्या को बढ़ावा दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में ड्रेनेज सिस्टम का आधुनिकीकरण, नालियों की नियमित सफाई और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था बनाए बिना यह समस्या बनी रहेगी।वर्तमान में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ने का खतरा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे पानी भरे इलाकों से दूर रहें और बच्चों को घर के अंदर रखें।
अमन की रिपोर्ट