साइबर ठगी पर पुलिस का बड़ा एक्शन: लोन और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले 3 गिरफ्तार, 1 नाबालिग निरुद्ध
नवादा जिले की वारसलीगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े और सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर ठगो को गिरफ्तार किया है, वहीं गिरोह में शामिल एक नाबालिग सदस्य को निरुद्ध किया है.....
Nawada : जिले के वारसलीगंज थाना क्षेत्र की पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े और सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह शातिर गिरोह आम लोगों को आसान किस्तों पर लोन दिलाने और होटल-गेस्ट हाउस बुकिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी विधि-विरुद्ध निरुद्ध किया गया है।
चकवाय और चैनपुरा गांवों में की एक साथ छापेमारी
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देशानुसार एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी के मार्गदर्शन में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया था। थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में इस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर चकवाय और चैनपुरा गांवों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। पहले चकवाय गांव से एक आरोपी को दबोचा गया, जिसकी निशानदेही पर चैनपुरा स्थित राइस मिल के पास से अन्य तीन आरोपियों को भी धर दबोचा गया।
9 एंड्रॉयड मोबाइल, 2 कीपैड फोन और कस्टमर डाटा बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री और उपकरण बरामद किए हैं। इनमें नौ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो कीपैड मोबाइल, एक बैंक पासबुक और ठगी में इस्तेमाल होने वाला दो पन्नों का विस्तृत कस्टमर डाटा शामिल है। पुलिस के अनुसार इस गोपनीय डाटा का इस्तेमाल लोगों से संपर्क साधने और उन्हें अपने जाल में फंसाने के लिए किया जाता था।
बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और होटल बुकिंग के नाम पर देते थे झांसा
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्य बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी नामचीन लोन कंपनियों के फर्जी प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करते थे। उनके पास ग्राहकों के नाम, पते और मोबाइल नंबरों से जुड़ा पूरा कच्चा-चिट्ठा होता था, जिसके जरिए वे लोन का झांसा देते थे। इसके अलावा, चैनपुरा से पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में होटल और गेस्ट हाउस बुकिंग के नाम पर भी लोगों से पैसे ठगने की बात कबूल की है।
छापेमारी टीम में ये रहे शामिल
पकड़े गए आरोपियों की पहचान चकवाय निवासी अजीत कुमार (28 वर्ष), कोयरी टोला वारिसलीगंज निवासी शुभम राज (20 वर्ष) और महेश कुमार (26 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि एक नाबालिग को भी निरुद्ध कर संबंधित धाराओं में थाना कांड दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बरामद मोबाइल और डाटा की फॉरेंसिक व तकनीकी जांच कर रही है ताकि इस पूरे साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके। इस सफल छापेमारी में पुअनि सुशील कुमार, परि. पुअनि मनोज कुमार राय और पुसअनि मो. मंजर घुनिया भी विशेष रूप से शामिल रहे।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट