बिखर गया साइबर अपराधियों का साम्राज्य; लोन के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज गिरफ्तार; आम के बगीचे को बनाया था हेडक्वार्टर

पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो आम के बगीचे से कॉल सेंटर चलाकर लोन के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। इस कार्रवाई ने साइबर ठगों की कमर तोड़ दी है।

नवादा में तीन साइबर ठग गिरफ्तार- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada -  नवादा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर चलाए गए अभियान में 3 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी बजाज फाइनेंस और अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों को लोन का झांसा देकर ठगी करते थे।

यह कार्रवाई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पकरीबरावां के नेतृत्व में की गई। टीम में वारिसलीगंज थाना के पुलिस निरीक्षक-सह-थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। गुप्त सूचना के आधार पर, ग्राम अपसढ़ से लगभग 500 मीटर दक्षिण में एक आम के बगीचे के पास छापेमारी कर इन अपराधियों को पकड़ा गया।

पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार अपराधी विभिन्न कंपनियों, खासकर बजाज फाइनेंस, के ग्राहकों का डेटा इस्तेमाल करते थे। इस डेटा में ग्राहकों के मोबाइल नंबर, नाम और पते जैसी जानकारी होती थी। वे इन नंबरों पर संपर्क कर लोन देने का लालच देते थे और फिर ठगी को अंजाम देते थे।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 9 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 1 कीपैड मोबाइल, 6 पन्नों का कस्टमर डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बरामद दस्तावेजों में एसबीआई और पीएनबी के एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड शामिल हैं।

इस संबंध में वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 37/26, दिनांक 19.01.26 को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में राजाराम कुमार (25), प्रिंस कुमार (19), गौतम कुमार (21) और एक विधि विरुद्ध बालक शामिल हैं।

छापेमारी दल में वारिसलीगंज थाना के पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी, उप-निरीक्षक अखिलेश्वर सिंह, सहायक उप-निरीक्षक पणू कुमार, मुख्य आरक्षी मिथलेश कुमार सुमन (रिसलीगंज थाना), गृहरक्षक दिलकुमार और चौकीदार पिंटू कुमार शामिल थे।

Report - aman sinha