सड़कों की जर्जर स्थिति और गंदगी पर फिर भड़का जनाक्रोश, रोड जाम कर प्रशासन के खिलाफ की उग्र नारेबाजी
नवादा जिले के रोह-सिऊर रोड की जर्जर स्थिति और सड़क पर चारो ओर फैली गंदगी को लेकर स्थानीय लोगों को एकबार गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.....
Nawada : जिले के रोह प्रखंड अंतर्गत रोह-सिऊर रोड पर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा। जर्जर सड़क, जगह-जगह जलजमाव और फैला गंदा पानी से त्रस्त सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया और आवागमन पूरी तरह ठप्प कर दिया। प्रदर्शनकारियों का साफ आरोप है कि क्षेत्र में विकास के नाम पर केवल ढोंग और ढिंढोरा पीटा जा रहा है, जबकि धरातल पर स्थितियां लगातार बदतर होती जा रही हैं।
गड्ढों और गंदगी से फैला बीमारी का खतरा, स्कूली बच्चों और राहगीरों की आफत
रोह-सिऊर मार्ग पूरे प्रखंड की लाइफलाइन (मुख्य सड़क) मानी जाती है, जिससे रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे, एंबुलेंस, दैनिक यात्री और स्थानीय व्यापारी आवाजाही करते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और लंबे समय से जमे गंदे पानी के कारण जलजमाव की विकराल समस्या पैदा हो गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, गंदगी के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने का गंभीर खतरा बन गया है, और कई बच्चे व बुजुर्ग इसकी चपेट में आ चुके हैं।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के रवैये से भारी नाराजगी, सिर्फ वादों का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्थानीय सांसद और विधायक की कार्यशैली पर भी तीखा आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव और बैठकों में जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े दावे करते हैं और सदन में मुद्दे उठाने की बात कहते हैं, लेकिन धरातल पर सड़क की मरम्मत या चौड़ीकरण के लिए कोई ठोस पहल नहीं दिखती। बार-बार लिखित और मौखिक शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोगों को मजबूरी में बार-बार सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
अधिकारियों की पहल पर बहाल हुआ यातायात; मिला शीघ्र कार्रवाई का भरोसा
सड़क जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों से वार्ता की और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा सदन में उठाए गए विषय और विभागीय पत्राचार के आलोक में सड़क निर्माण व मरम्मत का कार्य जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए विभागीय कदम उठाए जा रहे हैं।
अल्टीमेटम के साथ हटा जाम, मांगे पूरी न होने पर बड़े प्रखंड स्तरीय आंदोलन की चेतावनी
अधिकारियों के लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने फिलहाल जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल कराया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा के भीतर सड़क निर्माण और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में केवल सड़क जाम नहीं, बल्कि पूरे प्रखंड स्तर पर चरणबद्ध और उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अमन सिन्हा की रिपोर्ट