सरकारी व्यवस्था पर सवाल: कौआकोल के पाली पंचायत कार्यालय में लटका मिला ताला, युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इन दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में एक ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। जब भी लोग सरकारी सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता या परेशानी का सामना करते हैं, तो वे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देते है। एक ऐसा ही मामला नवादा जिले से सामने आया है....

सरकारी व्यवस्था पर सवाल- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : जिले से सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला एक नया मामला सामने आया है। जिले के कौआकोल प्रखंड अंतर्गत पाली पंचायत कार्यालय का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पंचायत कार्यालय के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका हुआ साफ नजर आ रहा है, जिसके कारण जरूरी काम से पहुंचे ग्रामीणों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा।


युवक ने वीडियो बनाकर बयां किया दर्द

वायरल हो रहे इस वीडियो को अजीत यादव नामक एक स्थानीय युवक ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। युवक का दावा है कि वह अपने किसी बेहद जरूरी सरकारी कार्य के लिए पाली पंचायत कार्यालय पहुंचा था। लेकिन वहां पहुंचने पर उसे दफ्तर पूरी तरह बंद और ताला लगा हुआ मिला। इसके बाद युवक ने मौके पर ही मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए संबंधित उच्चाधिकारियों से इस घोर लापरवाही की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।


आम जनता को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी

वीडियो जारी करने वाले युवक का कहना है कि पंचायत कार्यालय ग्रामीण क्षेत्र के आम लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र होता है। ग्रामीण यहां जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेने, मनरेगा से जुड़े कार्यों की प्रगति जानने और सरकारी लाभ पाने के लिए आवेदन जमा करने जैसे आवश्यक कामों के लिए आते हैं। ऐसे में कार्य दिवस (वर्किंग डे) के दिन भी कार्यालय का बंद रहना सीधे तौर पर आम जनता की परेशानियों को बढ़ाने वाला है।


डिजिटल माध्यम से सीधे प्रशासन तक पहुंच रही बात

हाल के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है कि जब भी लोग सरकारी सेवाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अनुपस्थिति या परेशानी का सामना करते हैं, तो वे वीडियो बनाकर अपनी बात सीधे जिला प्रशासन और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचा रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो में किए गए दावों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


अधिकारियों के रुख और जांच का इंतजार

यह अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बुधवार को पाली पंचायत कार्यालय किसी विशेष प्रशासनिक कारण, क्षेत्र में किसी आधिकारिक बैठक या किसी अन्य वैध सरकारी वजह से बंद था, या फिर यह कर्मचारियों की मनमानी का नतीजा है। अब देखना यह होगा कि नवादा जिला प्रशासन और कौआकोल प्रखंड के संबंधित अधिकारी इस वायरल वीडियो पर क्या संज्ञान लेते हैं और जांच के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट