बारिश से चरमराई नवादा सदर अस्पताल में व्यवस्था : परिसर जलमग्न, खुले मेनहोल में गिरकर मरीज के परिजन घायल

महज आधे घंटे की तेज बारिश ने नवादा सदर अस्पताल में नगर निगम और अस्पताल प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है।बारिश के कारण अस्पताल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा....

आधे घंटे की तेज बारिश मे नवादा सदर अस्पताल जलमग्न- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : बिहार के नवादा सदर अस्पताल में महज आधे घंटे की तेज बारिश ने नगर निगम और अस्पताल प्रशासन के दावों की पोल खोलकर रख दी है। बारिश के कारण अस्पताल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को घुटने भर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। परिसर में जगह-जगह हुए जलजमाव के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों पर संक्रमण का खतरा भी मंडराने लगा है।


जलजमाव और अंधेरे के कारण खुले नाले में गिरे मरीज के परिजन, हुए घायल

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश के तुरंत बाद अपने मरीज का इलाज कराने पहुंचे एक परिजन पानी भरे रास्ते और अंधेरे के कारण खुले नाले के ढक्कन को नहीं देख सके और उसमें गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। लोगों ने बताया कि सदर अस्पताल मुख्य सड़क से काफी गहराई में स्थित है। यही मुख्य वजह है कि थोड़ी सी भी बारिश होते ही नाले का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर पूरे अस्पताल परिसर में फैल जाता है और तालाब जैसा मंजर बन जाता है।


अस्पताल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप

मरीजों के तीमारदारों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन इस विकराल समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल रहा है। जनप्रतिनिधि और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी भी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। अस्पताल आने वाले लोग स्वास्थ्य लाभ लेने के बजाय इस गंदगी और अव्यवस्था के कारण नई बीमारियों का शिकार बनने को मजबूर हैं। जल निकासी, पार्किंग और पैदल चलने के सुरक्षित रास्तों जैसी बुनियादी सुविधाओं का पूरी तरह अभाव दिख रहा है।


मोटर लगाकर पानी निकालने की कोशिश नाकाम, अस्पताल प्रबंधक ने स्वीकारी विफलता

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि जलजमाव होते ही मोटर पंप लगाकर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि अस्पताल परिसर सड़क से काफी नीचे होने के कारण पानी बहुत तेजी से भर जाता है, जिससे मोटर पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो पाती। उन्होंने माना कि यह समस्या हर बारिश में सामने आती है। हाल ही में एक ई-रिक्शा भी जलभराव के दौरान खुले नाले में समा गया था।


बुनियादी सुविधाओं की बहाली और स्थायी समाधान की उठी मांग

अस्पताल परिसर में बार-बार बन रही इस नारकीय स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों और मरीजों के परिजनों में गहरा आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि केवल तात्कालिक उपाय करने के बजाय जल निकासी की एक ठोस और स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही, हादसे को दावत दे रहे खुले नालों को तुरंत ढंकने और सड़क के स्तर को ध्यान में रखते हुए नया ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने का आग्रह किया गया है।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट