18 जुलाई को सजेगी विशेष लोक अदालत: जिला जज ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी, आपसी समझौते से मामलों के निपटारे की अपील

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा के तत्वावधान में आगामी 18 जुलाई को सिविल कोर्ट परिसर में 'विशेष लोक अदालत' का आयोजन होने जा रहा है। इस लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला जज ने आज 'जागरूकता रथ' को हरी झंडी दिखा रवाना किया....

जिला जज ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी- फोटो : अमन सिन्हा

Nawada : आम जनता को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय दिलाने के उद्देश्य से नवादा जिले में एक बड़ी पहल की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), नवादा के तत्वावधान में आगामी 18 जुलाई को व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) परिसर में 'विशेष लोक अदालत' का आयोजन होने जा रहा है। इस अदालत को सफल बनाने और ग्रामीण इलाकों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के लिए जिले भर में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है।


जिला जज आशुतोष कुमार झा ने किया रवाना

इस अभियान के तहत आम लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष 'जागरूकता रथ' (वाहन) तैयार किया गया है। इस जागरूकता वाहन को जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष आशुतोष कुमार झा ने हरी झंडी दिखाकर दीवानी कचहरी परिसर से रवाना किया। यह वाहन जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और विभिन्न प्रखंडों में जाकर लोगों को लोक अदालत के फायदों से रूबरू कराएगा।


समय और धन दोनों की होगी बचत: जिला जज

जागरूकता रथ को रवाना करने के मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार झा ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि "लोक अदालत आम नागरिकों के लिए सुलभ, त्वरित और बेहद कम खर्च में न्याय पाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यहां किसी एक पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि आपसी सहमति और सौहार्द के आधार पर मामलों का निष्पादन किया जाता है। इससे कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिलती है और लोगों के समय व धन दोनों की भारी बचत होती है।"

उन्होंने जिले के तमाम वादकारियों (मुकदमा लड़ने वाले पक्षों) से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस विशेष लोक अदालत में भाग लें और अपने वर्षों पुराने लंबित मामलों का हमेशा के लिए शांतिपूर्ण समाधान निकालें।


गांव-गांव जाकर लोगों को प्रेरित करेगा जागरूकता रथ

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक इस आयोजन की सूचना पहुंचाना है। जागरूकता वाहन में लगे लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्रियों के माध्यम से ग्रामीणों को यह बताया जाएगा कि कौन-कौन से मामले (जैसे बैंक लोन, बिजली बिल, पारिवारिक विवाद, दीवानी मामले आदि) इस अदालत में आपसी सुलह से तय किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक वादकारी इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा करा सकें।


अमन सिन्हा की रिपोर्ट