'बीजेपी की मजबूरी, लालू की पाठशाला से निकले नेता ही करेंगे बिहार में राजनीति': नीतीश के इस्तीफे पर तेजस्वी यादव का सबसे बड़ा तंज

नीतीश कुमार के इस्तीफे और बीजेपी के साथ नई सरकार बनाने की खबरों पर तेजस्वी यादव ने कड़ा प्रहार किया है। तेजस्वी ने इसे लोकतंत्र की हत्या और बिहार की जनता के साथ धोखा बताया है।

patna - बिहार की राजनीति में मचे बड़े उलटफेर के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और संभावित नई सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी ने इसे जनता के साथ विश्वासघात करार देते हुए बीजेपी और नीतीश कुमार की विचारधारा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

नीतीश कुमार पर विचारधारा के साथ समझौते का आरोप

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि जो लोग हमेशा महात्मा गांधी और बापू के आदर्शों की बात करते थे, आज उन्होंने उन लोगों के साथ हाथ मिला लिया है जो गांधी के हत्यारों की विचारधारा को मानते हैं। तेजस्वी ने कहा, "मुख्यमंत्री जी अब उन लोगों को स्थापित कर रहे हैं जो नाथूराम गोडसे के समर्थक हैं। बापू का नाम लेने वालों का यह असली चेहरा अब जनता के सामने है।"

लालू की पाठशाला से ही निकले हैं बीजेपी के चेहरे

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की अटकलों पर तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास अपना कोई वजूद नहीं बचा है। उन्होंने कहा, "चाहे कोई भी मुख्यमंत्री बने, ये सब लोग अंततः लालू जी की ही पाठशाला (आरजेडी) से निकले हुए छात्र हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि बीजेपी को अब लालू जी की विचारधारा और उनके बनाए नेताओं के इर्द-गिर्द ही अपनी राजनीति करनी पड़ रही है।"

यह जनता द्वारा चुनी गई सरकार नहीं

तेजस्वी यादव ने नई बनने वाली सरकार की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसे अलोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने कहा कि आगामी जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि नहीं होगा। तेजस्वी के अनुसार, यह केवल सत्ता का जोड़-तोड़ है और बिहार की जनता ने इस तरह के अनैतिक गठबंधन के लिए जनादेश नहीं दिया था।

"बिहार अब गुजरात के इशारे पर चलेगा"

बिहार की अस्मिता का मुद्दा उठाते हुए तेजस्वी ने बड़ा आरोप लगाया कि अब राज्य की बागडोर स्थानीय नेताओं के हाथ में नहीं रहेगी। उन्होंने सीधे तौर पर कहा, "अब बिहार की सरकार यहां से नहीं, बल्कि गुजरात और दिल्ली के इशारे पर चलेगी। बिहार की स्वायत्तता को केंद्र के हाथों गिरवी रख दिया गया है, जो राज्य के विकास के लिए एक बड़ा खतरा है।"

कर्पूरी ठाकुर का नाम लेकर बीजेपी को घेरा

तेजस्वी ने सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग जननायक कर्पूरी ठाकुर को गाली देते थे, आज उन्हीं की विरासत पर राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि बिहार के पिछड़े और दलित समाज के लोग इस धोखे को समझ रहे हैं और वे सही समय पर इसका करारा जवाब देंगे।

आरजेडी की भविष्य की रणनीति: जनता के बीच जाएंगे तेजस्वी

बयान के अंत में तेजस्वी यादव ने संकल्प लिया कि वे इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जनता की अदालत में जाएंगे। उन्होंने कहा, "हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। जनता सब देख रही है कि कैसे सत्ता के लिए बार-बार जनादेश का अपमान किया जा रहा है। हम गाँव-गाँव जाकर इस साजिश का पर्दाफाश करेंगे और बिहार के हक की लड़ाई जारी रखेंगे।"