2025 में 2025 महिला बच्चियों से रेप ! क्राइम कंट्रोल को लेकर पीठ थपथपा रही पुलिस, उधर बिहार में हर दिन औसतन 5 से अधिक महिला-बच्चियों की लूट रही आबरू

Bihar Crime : बिहार में 2025 महिला बच्चियों के साथ रेप के मामले सामने आये हैं. बिहार पुलिस मुख्यालय से इसके आंकड़े पेश किये गए हैं......पढ़िए आगे

बिहार में रेप - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य का पिछला वार्षिक आपराधिक ब्यौरा जारी कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच राज्य में अपराध की गंभीर श्रेणियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इस अवधि के दौरान बिहार में 2,556 हत्याएं, 174 डकैती और 2,502 दंगे दर्ज किए गए। पुलिस इन आंकड़ों को अपनी एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है, क्योंकि पिछले वर्ष (2024) की तुलना में अपराध दर में भारी गिरावट आई है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा साझा किए गए डेटा के मुताबिक, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में हत्या के मामलों में 8.3%, डकैती के मामलों में 29.9% और दंगों की घटनाओं में 21.5% की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि गश्ती में तेजी, वैज्ञानिक अनुसंधान और अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी के कारण इन हिंसक अपराधों पर लगाम कसने में मदद मिली है।

हालाँकि, महिला सुरक्षा के मोर्चे पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में महिलाओं, बच्चियों और छात्राओं के साथ दुष्कर्म की 2,025 घटनाएं सामने आई हैं। यह आंकड़ा तब है जब पुलिस विभाग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है। रेप के इन मामलों की संख्या ने एक बार फिर सामाजिक सुरक्षा और पुलिस की 'प्रिवेंटिव' (निवारक) कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस ने "अभया ब्रिगेड" के रूप में एक विशेष पहल की है। थाना स्तर पर स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को संरक्षण देने के लिए अब तक 28 जिलों में इस ब्रिगेड का गठन किया जा चुका है। प्रत्येक अभया ब्रिगेड टीम में एक महिला पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में तीन सिपाही होते हैं, जिनमें दो महिला सिपाहियों का होना अनिवार्य है। यह टीम संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष गश्त और निगरानी रखती है।

जहाँ एक तरफ बिहार पुलिस हत्या और डकैती जैसे अपराधों को नियंत्रित करने में सफल दिख रही है, वहीं महिला अपराधों का ऊंचा आंकड़ा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। 'अभया ब्रिगेड' जैसी नई पहलों के बावजूद, ज़मीनी स्तर पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकना अभी बाकी है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि आने वाले समय में तकनीक और सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए इन आंकड़ों को और कम करने का प्रयास किया जाएगा।