Bihar IAS Transfer: आधी रात बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 IAS अधिकारियों का तबादला, नगर निगम से अनुमंडल तक बदले कई चेहरे, पढ़िए लिस्ट

Bihar IAS Transfer: बिहार में प्रशासनिक महकमे के भीतर एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है।

आधी रात 23 IAS अधिकारियों का तबादला- फोटो : social Media

Bihar IAS Transfer: बिहार में प्रशासनिक महकमे के भीतर एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार की आधी रात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और बिहार प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना की अधिसूचना जारी कर दी।अधिसूचना के जरिए जिला परिषद, नगर निगम, अनुमंडल, निदेशालय और विभागीय स्तर पर कई अहम कुर्सियों पर नए अफसरों की तैनाती की गई है।सरकार ने एक ही झटके में प्रशासनिक तंत्र के कई मोर्चों पर चेहरे बदल दिए हैं।

सबसे पहले बात करें जिला स्तर की अहम जिम्मेदारियों की। श्रेया श्री, IAS 2022 बैच, जिन्हें सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान के बाद प्रतीक्षारत रखा गया था, अब खगड़िया जिला परिषद की उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी होंगी। वहीं गरिमा लोहिया, IAS 2023, को दरभंगा नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है। अनिरुद्ध पाण्डेय को पूर्णिया नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है, जबकि तुषार कुमार को मधुबनी जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

प्रद्युम्न सिंह यादव को उद्योग विभाग के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय, पटना का निदेशक बनाया गया है। वहीं आकांक्षा आनंद को रोहतास जिले के सारसार जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में संयुक्त निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। रोहित कर्म को बेगूसराय जिला परिषद और विजय कुमारी चौधरी को जहानाबाद जिला परिषद में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली है।

कटिहार जिला परिषद की कमान डॉ. कुँवर मेहरी को दी गई है, जबकि कृष्ण गुप्ता को परिवहन तथा निबंधन, उत्पाद एवं मद्यनिषेध विभाग में सह महानिरीक्षक के पद पर पदस्थापित किया गया है। इन नियुक्तियों का सीधा असर जिलों में विकास योजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक फैसलों की रफ्तार पर पड़ सकता है।

इस फेरबदल की सबसे खास कड़ी 2024 बैच के युवा IAS अधिकारियों की पहली फील्ड पोस्टिंग है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी से 21 अगस्त 2026 तक प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों को अलग-अलग अनुमंडलों में अनुमंडल पदाधिकारी के तौर पर तैनाती दी गई है। समस्तीपुर, सासाराम, गया, कटिहार, मधेपुरा, बाढ़, अररिया, पूर्णिया, मुंगेर, मोतिहारी और पटना ग्रामीण जैसे इलाकों में नए चेहरों को जिम्मेदारी मिली है।

इन नव नियुक्त अनुमंडल पदाधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 14 के तहत अपने-अपने अनुमंडल क्षेत्र में कार्यपालक मजिस्ट्रेट की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। इसका मतलब साफ है कि युवा अफसरों के कंधों पर अब कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन और जनसेवा से जुड़े अहम फैसलों की जिम्मेदारी होगी।

 जिला परिषदों में तैनात अधिकारी ग्रामीण विकास और पंचायती राज की योजनाओं की निगरानी करेंगे, जबकि नगर आयुक्तों के सामने शहरी विकास, सफाई, आधारभूत संरचना और नगर नियोजन की बड़ी चुनौती होगी। अनुमंडल पदाधिकारियों को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय के मोर्चे पर सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारना होगा।


सरकार का संदेश भी स्पष्ट दिखाई देता है प्रशासन में रोटेशन, युवा अफसरों को फील्ड की कमान और विकास योजनाओं पर सख्त निगरानी। लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों के तबादले को प्रशासनिक संतुलन की कवायद माना जा रहा है। अब असली इम्तिहान नई तैनाती पाए अफसरों का होगा कि वे सरकारी योजनाओं, जन शिकायतों और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कितना असरदार प्रदर्शन करते हैं।

रिपोर्ट- प्रियदर्शन शर्मा