Cabinet Decision : बिहार के 300 निजी बीएड कॉलेजों में अब होगी अन्य विषयों की पढ़ाई, कम्प्रेड बायोगैस प्लांट के लिए जमीन का हुआ आवंटन

Cabinet Decision : बिहार के 300 से अधिक एकल निजी बीएड कॉलेजों को अब 'बहुविषयक डिग्री महाविद्यालयों' के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य मंत्रिपरिषद ने इसकी मंजूरी दे दी है....पढ़िए आगे

बीएड कॉलेजों में अन्य विषयों की पढाई - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : अब राज्य के निजी बीएड कॉलेजों में बीएड के अतिरिक्त अन्य विषयों की भी पढ़ाई होगी। वर्तमान में राज्यभर में संचालित एकल निजी बीएड कॉलेजों की संख्या 300 से अधिक है। इन सभी में अन्य विषयों की भी पढ़ाई शुरू होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित मंत्रिमंडल परिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मुहर लगी। कैबिनेट में कुल 11 एजेंडों पर अंतिम रूप से सहमति बनी। इसमें लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सचिव मो. सोहेल ने सूचना भवन के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी दी। 

सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मंत्रिपरिषद के स्तर से बिहार में संचालित एकल निजी शिक्षण संस्थानों को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालयों के रूप में विकसित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कॉलेजों में बीएड के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य तथा अन्य विषयों के स्नातक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे। नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन संबंधित विश्वविद्यालय, यूजीसी, एनसीटीई एवं राज्य सरकार के स्तर से निर्धारित मानकों एवं आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को अपने जिले या निकटवर्ती क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, उच्च शिक्षा तक पहुंच होगी और इससे राज्य का सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा। 

इसके अलावा कैबिनेट ने एक अन्य अहम मसौदे को मंजूरी दी, जिसके तहत राज्य के चार नगर निगम क्षेत्रों गयाजी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ में कम्प्रेस्ड बॉयोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना की जाएगी। यह इकाई जैविक कचरे को एक मूल्यवान नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत में परिवर्तित करके अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक स्थायी समाधान प्रदान करता है। इस योजना के तहत चुनिंदा नगर निगम क्षेत्रों में 10-10 एकड़ जमीन 25 वर्ष की लीज पर गेल, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को दी जाएगी। 

सचिव ने कहा कि सात निश्चय-3 के निश्चय-1 दोगुना रोजगार-दोगुना आय के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030—31 तक में युवा, रोजगार और कौशल विकास के बिहार कौशल विकास मिशन के स्तर से संशोधन के साथ कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल अनुमानित राशि 430 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इसके अलावा राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के नामांकन प्रक्रिया में संशोधन करने और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों के 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के माध्यम से करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि संचार मंत्रालय के माध्यम से स्थापित भारतनेट के संदर्भ में राज्य सरकार के स्तर से राईट ऑफ वे प्रदान किए जाने एवं इससे संबंधित त्रिपक्षीय समझौता एकरारनामा को हस्ताक्षरित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त पीएमसीएच समेत अन्य स्थानों पर बने बिजली उप-केंद्र का संचालन करने के लिए 221 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। इसमें कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता (जीटीओ), कनीय विद्युत अभियंता समेत अन्य पद शामिल हैं। 

सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्रांश के अतिरिक्त राज्य सरकार के स्तर से अतिरिक्त सहायता के रूप में 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट एवं अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति उपभोक्ता डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। इसके तहत 1 वर्ष के लिए 1 हजार करोड़ रुपये अनुमानित व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य सरकार ने अपने स्तर से यह सुविधा प्रदान की है। वहीं, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2026-2031 योजना के सुदृढ़ीकरण एवं अगले पांच वर्षों के लिए 950 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है।