Bihar News : मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा समेत 6 शहरों को मिलेगी अपनी फॉरेंसिक लैब, मार्च तक शुरू होंगी साइबर यूनिट्स
PATNA : बिहार में अब किसी भी कीमत पर अपराध करके अपराधी छिप नहीं सकते। इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश के पुलिस महकमा मुकदमों में वैज्ञानिक अनुसंधान की गति बढ़ाने के लिए राज्य में छह स्थानों पर जल्द ही एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) को स्थापित करने जा रहा है। इसमें गयाजी, बेतिया, छपरा, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा शामिल हैं। अभी राज्य में चार स्थानों पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में एफएसएल का संचालन किया जा रहा है। यह जानकारी एडीजी (सीआईडी) पारसनाथ ने दी। वे सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दरभंगा और रोहतास में मार्च तक एफएसएल कार्यालय के चालू होने की संभावना है। इस वर्ष के अंत तक राज्य में पुराने और नए मिलाकर करीब एक दर्जन कार्यालय कार्य करने लगेंगे।
यहाँ शुरू होगी यूनिट
एडीजी ने कहा कि इस वर्ष मार्च तक राजगीर और पटना में मौजूद एफएसएल में साइबर फॉरेंसिक यूनिट शुरू हो जाएगी। देश में 1 जुलाई 2024 से लागू बीएनएस समेत अन्य कानूनों के बाद अधिकांश मामलों में एफएसएल की रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई है। खासकर 7 वर्ष या इससे अधिक की सजा वाले अपराधों में डिजिटल और एफएसएल के साक्ष्य अनिवार्य कर दिए गए हैं। अब अपराधियों को सजा दिलाने में एफएसएल की रिपोर्ट को खासतौर से प्रस्तुत किया जाता है। 2024 में 1 जुलाई से 31 दिसंबर के बीच 5 हजार 141 कांडों के 25 हजार 285 प्रदर्शों की जांच पूरी कर ली गई है। वहीं, 2025 में कुल 10 हजार 995 कांड़ों के 56 हजार 511 प्रदर्शों की जांच पूर्ण कर संबंधित को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है।
गृह विभाग को प्रस्ताव
एडीजी ने कहा कि वर्तमान में राज्य के विधि विज्ञान प्रयोगिशालाओं में राजपत्रित पदाधिकारी के 44 एवं वरीय वैज्ञानिक सहायक के 85 पदाधिकारी कार्यरत हैं। इनमें 89 सहायक निदेशकों और 100 वरीय वैज्ञानिक सहायकों की नियुक्ति की कार्रवाई संविदा के आधार पर की जा रही है। इस क्रम में चयनित अभ्यर्थियों के शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के सत्यापन और चिकित्सीय जांच की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि पहले से कार्यरत पटना समेत चार क्षेत्रीय एफएसएल और 6 अन्य क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के उपकरणों के लिए 162 करोड़ 93 लाख 40 हजार रुपये की अनुमानित लागत से संबंधित प्रस्ताव गृह विभाग को भेजी गई है। इसके अलावा डीएनए जांच के लिए पटना के विधि-विज्ञान प्रयोगशाला के लिए एक और क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर के लिए एक-एक डीएनए यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव गृह विभाग को सौंपा गया है।
फॉरेंसिक जांच निर्माण के लए भेजा प्रस्ताव
पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला, पुलिस प्रयोगशाला, फिंगर प्रिंट ब्यूरो और फोटो ब्यूरो के लिए शास्त्रीनगर थाना के अंतर्गत सीआईडी को आवंटित कॉलोनी में एक नवीन व अत्याधुनिक प्रयोगशाला भवन परिसर के निर्माण के लिए एडीजी (आधुनिकीकरण) को प्रस्ताव समर्पित किया गया है। राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी में दो एफएसएल की स्थापना के लिए गुजरात के गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय के साथ एकरारनामा दिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 38 जिलों में जिला चलंत विधि विज्ञान इकाईयां स्वीकृत हैं। वर्तमान में राज्य में फॉरेंसिक विशेषज्ञों के आपराधिक घटनास्थल भ्रमण के लि 51 चलंत फॉरेंसिक वाहन सभी जिलों में उपलब्ध कराए गए हैं। 50 अतिरिक्त वाहनों की खरीद के लिए 212 करोड़ रुपये का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है। इस प्रेस वार्ता के दौरान सीआईडी के डीआईजी दलजीत सिंह समेत अन्य मौजूद थे।