IIT पटना में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन, छात्रों को दिलाई गई 'नशा मुक्ति शपथ'

IIT पटना में नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम- फोटो : प्रिय दर्शन

Patna : मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, बिहार (P&SNCB) द्वारा 03 अगस्त 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), पटना के प्रांगण में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान में प्रवेश लेने वाले लगभग 800 नवप्रवेशी (Freshers) विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के घातक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और उन्हें एक स्वस्थ व अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।


पुलिस प्रशासन और संस्थान के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. त्रिलोकनाथ सिंह, डीआईजी अजय कुमार पांडेय, एएसपी इमरान परवेज, वरीय पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश सिंह और पुलिस उपाधीक्षक रमेश कुमार मिश्रा सहित मद्यनिषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के कई वरिष्ठ अधिकारी और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया और प्रशासनिक दृष्टिकोण से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी साझा की।


मादक पदार्थों के बहुआयामी दुष्परिणामों पर चर्चा

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने छात्रों को विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। इसके अलावा, नशे की लत को रोकने के उपायों, नशे से जुड़े कड़े कानूनी प्रावधानों तथा एक सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका पर गहराई से प्रकाश डाला गया।


छात्रों को दिलाई गई 'नशा मुक्ति शपथ'

कार्यक्रम के समापन सत्र में भारत सरकार द्वारा निर्धारित "नशा मुक्ति शपथ" का आयोजन किया गया। उपस्थित सभी 800 विद्यार्थियों ने एक स्वर में स्वयं को हर प्रकार के नशे से दूर रखने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, छात्रों ने अपने परिवार, मित्रों और आसपास के समाज को भी नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करने और इस सामाजिक बुराई के उन्मूलन में अपना योगदान देने का वादा किया।


युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम

आईआईटी पटना और बिहार पुलिस/स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का यह संयुक्त प्रयास युवाओं को भटकने से बचाने और देश के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय कदम है। उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय ही इस प्रकार के अभियानों का आयोजन छात्रों के भीतर नैतिक मूल्यों, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूती से स्थापित करता है।


प्रियदर्शन की रिपोर्ट