Lalu Yadav: खरमास के बाद 10 सर्कुलर रोड खाली करेंगे लालू , यहां तैयार हो गया है नया आलिशान बंगला

Lalu Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू प्रसाद यादव के आवास को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है।...

10 सर्कुलर रोड के बाद यहां बसेगा लालू का आशियाना?- फोटो : social Media

Lalu Yadav: बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू प्रसाद यादव के आवास को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के आदेश के बाद यह सवाल सियासी गलियारों में गूंजने लगा है कि राजद सुप्रीमो और उनका कुनबा अब कहां ठिकाना बनाएगा। यह वही आवास है, जो पिछले करीब 20 वर्षों से लालू-राबड़ी परिवार की पहचान और राजद की राजनीति का केंद्र रहा है।

भवन निर्माण विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को जारी आदेश के बाद पहले चर्चा चली कि लालू परिवार पटना के महुआ बाग स्थित निजी आवास में शिफ्ट होगा। महुआ बाग का मकान पहले से ही राजनीतिक बहस का मुद्दा रहा है। जदयू नेता नीरज कुमार कई बार इस भवन को लेकर सवाल उठा चुके हैं और इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाज़ी भी हुई है। लेकिन अब सियासी हवा ने एक नया रुख ले लिया है।

ताज़ा चर्चाओं के मुताबिक लालू यादव का नया आशियाना पटना के कौटिल्य नगर इलाके में बन रहा आलीशान मकान हो सकता है। कौटिल्य नगर में बन रहा यह मकान लगभग तैयार है और फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। चर्चा यह भी है कि इस मकान को खासतौर पर लालू प्रसाद यादव की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिसमें स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है।

कौटिल्य नगर का यह संभावित नया ठिकाना सिर्फ एक रिहायशी मकान नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भविष्य का सियासी मरकज़ भी बताया जा रहा है। लालू यादव जहां भी रहे हैं, वह जगह अपने आप में राजनीति का केंद्र बन जाती है। सत्ता से बाहर रहने के बावजूद 10 सर्कुलर रोड से ही बिहार की राजनीति को दिशा मिलती रही है। ऐसे में अगर लालू परिवार कौटिल्य नगर में शिफ्ट होता है, तो माना जा रहा है कि धीरे-धीरे वही इलाका राजद की रणनीतियों, बैठकों और फैसलों का नया अड्डा बन सकता है।

फिलहाल लालू यादव या उनके परिवार की ओर से नए आवास को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। न यह साफ किया गया है कि वे महुआ बाग जाएंगे या कौटिल्य नगर के नए मकान में। लेकिन जिस तरह कौटिल्य नगर वाले मकान के लगभग तैयार होने और गृह प्रवेश की चर्चाएं तेज हैं, उससे यह कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही लालू प्रसाद यादव की राजनीति को नया पता मिल सकता है। बिहार की सियासत अब उसी पते की तरफ टकटकी लगाए बैठी है।