बिहार बीजेपी में होने वाला है बड़ा बदलाव! पीएम मोदी से मिले कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा

कृषि मंत्री विजय सिन्हा की नाराजगी की अटकलबाजियों के बीच गुरुवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की. दोनों की इस 45 मिनट की मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है.

Vijay Sinha met PM Narendra Modi - फोटो : news4nation

Vijay Sinha :  बिहार की राजनीति में विजय सिन्हा की नाराजगी की अटकलों के बीच बिहार सरकार के कृषि मंत्रीविजय सिन्हा ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। करीब 45 मिनट तक चली इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास  लगाए जा रहे हैं। 


मुलाकात के बाद विजय सिन्हा ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री से हुई आत्मीय चर्चा में “विकसित बिहार, विकसित भारत” के संकल्प को कृषि क्षेत्र में साकार करने के लिए युवाओं और महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विजन और कृषि क्षेत्र के प्रति समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायक है तथा उनके मार्गदर्शन में बिहार का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।


सूत्रों के अनुसार, मुलाकात के दौरान बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक समीकरणों और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने विजय सिन्हा को आगे की राजनीतिक और संगठनात्मक भूमिका को लेकर मार्गदर्शन भी दिया। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया है।


गौरतलब है कि बिहार में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में बीजेपी शामिल थी, तब विजय कुमार सिन्हा को भाजपा कोटे से उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। उस समय बीजेपी के दो डिप्टी सीएम थे। लेकिन बाद में सत्ता संतुलन और नए राजनीतिक समीकरणों के तहत दोनों उपमुख्यमंत्री पद जेडीयू के खाते में चले गए। इसके बाद विजय सिन्हा को कृषि मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।


राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा रही है कि पद परिवर्तन के बाद विजय सिन्हा की नाराजगी कई मौकों पर परोक्ष रूप से सामने आई। उन्होंने एक बयान में कहा था, “हम अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हैं। जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।” वहीं एक अन्य टिप्पणी में उन्होंने कहा था, “दर्द कैसा होता है, हम तो बेदर्द हैं।” उनके इन बयानों को भी राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा गया था।