SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे आइसा नेता और कार्यकर्ता, 13 अक्टूबर को करेंगे राजभवन मार्च
Patna : SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ आइसा ने 13 अक्टूबर को राजभवन का एलान किया है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) बिहार की तरफ से पटना में सोमवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता की गई। इसे आइसा बिहार के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड धनंजय, राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड सबा आफ़रीन, पालीगंज विधायक संदीप सौरभ और RYA के राज्य सचिव कॉमरेड शिवप्रकाश रंजन ने संयुक्त रूप से संबोधित किया। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर (SIR) के माध्यम से मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने और देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया।
मुख्य मांगें और राजभवन मार्च की घोषणा
इस दौरान घोषणा की गई कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उन पर कानूनी कार्रवाई, एसआईआर (SIR) को रद्द करने, बिहार-बंगाल में फर्जी चुनावों को रोकने तथा युवाओं पर हो रही बर्बरता के खिलाफ कल, 13 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पटना के गांधी मैदान गेट नंबर 10 से राजभवन तक मार्च निकाला जाएगा। आइसा ने तमाम छात्र-नौजवानों, वकीलों, सामाजिक संगठनों और लोकतंत्रपसंद नागरिकों से इस मार्च में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
एसआईआर (SIR) और मतदाता सूची में धांधली का आरोप
राज्य अध्यक्ष कॉमरेड धनंजय और उपाध्यक्ष कॉमरेड सबा आफ़रीन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की चुनावी धांधली के कारण देश में आपातकाल जैसे हालात बन गए हैं। बिहार में सबसे पहले एसआईआर की प्रक्रिया लागू की गई, जिसके तहत हजारों जीवित और वास्तविक मतदाताओं के नाम चुपचाप सूची से काट दिए गए। उन्होंने कहा कि एक तरफ मतदाता सूची पुनरीक्षण में ऐसी धांधलियां हो रही हैं, तो दूसरी तरफ पेपर लीक और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह नाकाम है।
निर्वाचन अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल
पालीगंज विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि एसआईआर के जरिए हर आठवें मतदाता का वोट काटे जाने जैसी गंभीर स्थिति सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद से पारित फॉर्म-6 के प्रावधानों का दुरुपयोग कर ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन अधिकारियों (EROs) को दरकिनार किया और अपनी पर्सनल टीम के माध्यम से मतदाताओं के नाम कटवाए। उन्होंने मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया में अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।