राजभवन कूच से गरमाई पटना की सियासत! शिक्षा, स्वायत्तता और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरने उतरेगा आइसा

Patna Protest:पटना में आज शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने वाली है।...

राजभवन कूच से गरमाई पटना की सियासत- फोटो : social Media

Patna Protest: बिहार की राजधानी पटना में आज शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने वाली है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर राजभवन मार्च का ऐलान किया है। दोपहर 12 बजे गांधी मैदान गेट संख्या-10 से शुरू होने वाले इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, शोधार्थी, शिक्षक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।आइसा ने इस मार्च को महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि शिक्षा के सवालों पर व्यापक जन-प्रतिरोध और आंदोलन की आवाज बताया है। संगठन का कहना है कि देशभर में शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, पेपर लीक, भ्रष्टाचार और शिक्षा के बढ़ते निजीकरण के खिलाफ छात्रों की आवाज को बुलंद करना इस आंदोलन का मकसद है।

संगठन के मुताबिक, पटना में निकाला जा रहा यह राजभवन मार्च दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है। आइसा ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। इसी के विरोध में बिहार में भी आंदोलन की धार तेज की जा रही है।

राजभवन मार्च में बिहार की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दे भी केंद्र में रहेंगे। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त किए जाने की कोशिश का है। आइसा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि इस अधिनियम में बदलाव या इसे खत्म करने की कवायद विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक स्वायत्तता को कमजोर करने की साजिश है।

आइसा का कहना है कि पटना विश्वविद्यालय एक विशेष अधिनियम के तहत संचालित होता है और इसकी अपनी स्वतंत्र शैक्षणिक एवं प्रशासनिक पहचान रही है। संगठन का आरोप है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर किसी भी तरह का प्रहार छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के अधिकारों को प्रभावित करेगा।

इस मुद्दे को लेकर आंदोलन से पहले मंगलवार को पटना विश्वविद्यालय परिसर में भी आवाज बुलंद की गई। पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, पटना विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ और पटना विश्वविद्यालय कॉलेज कर्मचारी संघ के संयुक्त आह्वान पर एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरने में आइसा की पटना विश्वविद्यालय इकाई ने भी भाग लिया और विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बचाने की मांग उठाई।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब आज होने वाले राजभवन मार्च पर टिकी है। छात्र संगठन का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में बिहार की शिक्षा नीति और विश्वविद्यालय प्रशासन को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है। जहां आइसा इसे शिक्षा बचाने की लड़ाई बता रहा है, वहीं सरकार के लिए यह आंदोलन एक नई राजनीतिक चुनौती के रूप में सामने आ सकता है।