पटना में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा : फतुहा अंचल कार्यालय का किया घेराव, राहत और मुआवजे की मांग
Patna : जिले के फतुहा क्षेत्र में बाढ़ का संकट गहराने के बीच प्रभावित ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा है। बाढ़ राहत सामग्री और सहायता न मिलने से नाराज सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों ने सोमवार को फतुहा स्थित प्रखंड सह अंचल कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। आक्रोशित लोगों ने प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तुरंत मदद पहुंचाने की गुहार लगाई।
गंगा और पुनपुन के उफान से फतुहा में जलप्रलय की स्थिति
पटना जिले में गंगा और पुनपुन नदी के साथ-साथ कई सहायक नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण निचले और दियारा इलाकों में पानी तेजी से भर रहा है। इस प्राकृतिक आपदा से फतुहा इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों के सामने सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
राहत सामग्री और पशुचारे की किल्लत से आक्रोशित लोग
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि फतुहा में बाढ़ से स्थिति बेहद विकराल होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस मदद नहीं पहुंचाई गई है। प्रभावित परिवारों को न तो सूखा राशन और भोजन मिल पा रहा है और न ही मवेशियों के लिए चारे का कोई इंतजाम किया गया है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग और उनके पशु भारी संकट का सामना कर रहे हैं।
फतुहा को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग
अंचल कार्यालय का घेराव कर रहे स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकार और जिला प्रशासन फतुहा को अविलंब आधिकारिक तौर पर 'बाढ़ प्रभावित क्षेत्र' घोषित करे। इसके साथ ही बाढ़ के कारण हुए मकानों, फसलों और अन्य संपत्तियों के नुकसान का त्वरित आकलन कराकर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासनिक हस्तक्षेप और त्वरित राहत की उम्मीद
घेराव और हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। वहीं, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द राहत शिविर, पर्याप्त नौकाएं, भोजन और पशुचारा उपलब्ध नहीं कराया गया, तो वे अपने आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए बाध्य होंगे।
रजनीश की रिपोर्ट