Bihar News : असदुद्दीन ओवैसी ने दिया तेजस्वी को नया झटका, आईपी गुप्ता को बनाया सियासी दुल्हा, पीछे क्या वजह देखिए

PATNA : इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष सह सहरसा विधायक आईपी गुप्ता को असदुद्दीन ओवैसी ने दारुस्सलाम डे पर चीफ गेस्ट बनाया है. हैदराबाद एयरपोर्ट पर आईपी गुप्ता के साथ एआईएमआईएम  के अमौर विधायक अख्तरूल इमान, जोकिहाट विधायक मुर्शिद आलम, कोचाधामन विधायक सरवर आलम की तस्वीर भी सबने सोशल मीडिया के जरिए शेयर भी किया है. इस तस्वीर में वायसी विधायक गुलाम सरवर और बहादुरगंज विधायक तौसीफ आलम नहीं है. हांलाकि दोनों भी अलग से हैदराबाद पहुंच चुके है. कोई टूट वाली बात नहीं है. पर सवाल ये कि बिहार की एक रिजनल पार्टी जिसका सिर्फ एक ही विधायक है. उसे असदुद्दीन ओवैसी ने दारुस्सलाम डे पर चीफ गेस्ट क्यों बनाया. 

वैसे दारुस्सलाम डे हर साल मार्च महीने में मनाया जाता है. लेकिन इस बार रमजान 19 फरवरी से शुरू हो रहा है. सो एआईएमआईएम ने 14 फरवरी को दारुस्सलाम डे मनाने का फैसला लिया.  बिहार में एआईएमआईएम सिमांचल में मजबूत स्थिति में है. सिमांचल में एआईएमआईएम के पास कुल 5 विधायक है. बीते बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव को असदुद्दीन ओवैसी ने अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया था. चुनाव के दौरान एआईएमआईएम ने दो मुद्दों को लेकर तेजस्वी के खिलाफ जोरदार तरीके से प्रचार किया था. पहला मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनाने के एलान के बाद मुस्लिम समाज में ये मैसेज दिया गया कि महागठबंधन ने आखिर क्यों किसी मुसलमान को डिप्टी सीएम बनाने का एलान नहीं किया. दूसरा गोविंदपुर सीट पर आरजेडी के अपने सिटिंग युवा विधायक मो. कामरान का टिकट काट दिया था. जिसके बाद कई रैलियों में एआईएमआईएम ने ये सवाल पूछा आखिर क्यों मो. कामरान का टिकट तेजस्वी यादव ने काटा. 

विधानसभा चुनाव के दौरान असदुद्दीन ओवैसी खुद बिहार में जम गए थे. उनका हर रैलियों में ये पंच लाइन रहा- अब मुसलमान दरी नहीं बिछाएगा. कुल मिलाकर देखें तो बीते बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एआईएमआईएम ने महागठबंधन को करीब 35-40 सीटों पर नुकसान पहुंचाया है. महागठबंधन साइड आईपी गुप्ता को देखें, तो वो सहरसा सीट से चुनाव लड़ते है और 2038 वोट से जीत जाते है. 

सहरसा सीट बीजेपी की मजबूत सीट मनाई जाती है. 2020 में इस सीट पर आरजेडी के टिकट पर लवली आनंद भी चुनाव हार जाती है. 2025 में एनडीए लहर के दौरान बाहरी उम्मीदवार रहे आईपी गुप्ता कैसे कढ़नी छाप से चुनाव जीत गए. जानकारी के मुताबिक इस सीट पर MY और तांती-ततवा (करीब 40 हजार ) आईपी गुप्ता के साथ रहा और जीत मिल गई. यानी मुस्लिम वोट पूरी तरीके से सहरसा सीट पर आईपी गुप्ता के साथ रहा. कुल मिलाकर कहें, तो बिहार को लेकर असदुद्दीन ओवैसी लंबा गेम खेल रहे हैं. जिसमें वो आईपी गुप्ता को दोस्त की तरह रखना चाहते हैं. आईपी गुप्ता की पहचान मेहनतकश नेता के तौर पर है.

देवांशु किशोर प्रभात