Patna Traffic:पटना मेट्रो के लिए बदलेगा बेली रोड का ट्रैफिक, राजवंशी नगर में बंद होगी एक लेन, तैयार होगा नया रास्ता, जाम से राहत की तैयारी
Patna Traffic: राजधानी की लाइफलाइन मानी जाने वाली बेली रोड पर भूमिगत मेट्रो स्टेशन निर्माण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है।...
Patna Traffic: पटना में मेट्रो परियोजना अब निर्णायक दौर में पहुंच रही है। राजधानी की लाइफलाइन मानी जाने वाली बेली रोड पर भूमिगत मेट्रो स्टेशन निर्माण के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने नई रणनीति तैयार की है। आने वाले दिनों में राजवंशी नगर के पास एक लेन पूरी तरह बंद रहेगी, लेकिन इसके असर को कम करने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इंतज़ाम भी तेज़ी से किया जा रहा है।
मेट्रो निर्माण के लिए जल्द ही राजवंशी नगर के समीप भारी-भरकम मशीनें तैनात की जाएंगी। इन मशीनों के लगने से सड़क की एक लेन पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगी। ऐसे में प्रशासन ने जाम और अफरा-तफरी से बचने के लिए पंचमुखी हनुमान मंदिर के पीछे स्थित रेडियो भवन की बाउंड्री वॉल तोड़कर सड़क चौड़ी करने का फ़ैसला लिया है। दीवार हटने के बाद मिली अतिरिक्त जमीन पर नया मार्ग तैयार किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही बिना किसी बड़ी रुकावट के जारी रह सके।
नई ट्रैफिक व्यवस्था के तहत पटेल भवन की ओर से आने वाले वाहन मंदिर के पिछले हिस्से से होकर बनाए जाने वाले वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करेंगे। आगे जाकर यह रास्ता फिर से मुख्य सड़क से जुड़ जाएगा और वाहन दो लेन में सामान्य रूप से चल सकेंगे। पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास नया डिवाइडर भी बनाया जा रहा है, ताकि डाकबंगला की ओर जाने वाले ट्रैफिक का प्रवाह प्रभावित न हो और वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे।
प्रशासन की कोशिश है कि बाउंड्री वॉल हटाने के तुरंत बाद सड़क निर्माण का काम पूरा कर लिया जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक जाम या परेशानी का सामना न करना पड़े। इसी मकसद से शनिवार को अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत मापी और सर्वे किया। सर्वे के दौरान यह तय किया गया कि दीवार को कितनी दूरी तक हटाया जाएगा, जिससे सड़क चौड़ी करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके।
मेट्रो निर्माण के दौरान केवल रेडियो भवन ही नहीं, बल्कि पटना जू के गेट नंबर-1 से आयकर गोलंबर तक दोनों ओर स्थित सात सरकारी भवनों और परिसरों की बाउंड्री वॉल भी चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई गई है। इन भवनों की सीमाएं पीछे खिसकाकर सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी, ताकि भारी ट्रैफिक के बावजूद यातायात सुचारु बना रहे।
दरअसल, बेली रोड पर बनने वाले भूमिगत मेट्रो स्टेशनों का निर्माण कार्य अगले दो से तीन वर्षों तक चलने की संभावना है। इस दौरान राजधानी के सबसे व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बना रहेगा। ऐसे में प्रशासन सड़क चौड़ीकरण और वैकल्पिक मार्गों के ज़रिए निर्माण कार्य तथा यातायात के बीच बेहतर तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहा है, ताकि विकास की रफ़्तार भी बनी रहे और आम लोगों को भी कम से कम दिक्कतों का सामना करना पड़े।