Madhubani cyber fraud: ज्यादा कमाई का लालच पड़ा भारी! मधुबनी में ऑनलाइन नौकरी के नाम पर पुलिस की वाइफ से 1.77 लाख की ठगी

Madhubani cyber fraud: मधुबनी में साइबर ठगों ने ऑनलाइन नौकरी और ज्यादा कमाई का झांसा देकर पुलिस लाइन में तैनात चालक सिपाही की पत्नी से 1.77 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 Madhubani cyber fraud

Madhubani cyber fraud: मधुबनी पुलिस लाइन में कार्यरत एक चालक सिपाही की पत्नी साइबर ठगों का शिकार हो गईं। ठगों ने उन्हें ऑनलाइन नौकरी और ज्यादा कमाई का लालच देकर 1.77 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने टेलीग्राम के जरिए संपर्क किया और शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क पूरे करवाए। भरोसा जीतने के लिए कुछ पैसे भी उनके खाते में भेजे गए, जिससे उन्हें लगा कि यह काम सही है।

इसके बाद ठगों ने ज्यादा मुनाफा कमाने का लालच दिया और अलग-अलग बैंक खातों तथा यूपीआई के जरिए पैसे जमा कराने लगे। धीरे-धीरे पीड़िता ने उनके कहने पर कई बार रकम भेज दी। जब उन्हें ठगी का पता चला तो उन्होंने अपने पति के साथ साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

टेलीग्राम पर एक आईडी के जरिए टास्क पर फंसाया

चालक सिपाही ने बताया कि उनकी पत्नी को टेलीग्राम पर एक आईडी के जरिए टास्क आधारित ऑनलाइन नौकरी का प्रस्ताव मिला था। शुरुआत में कुछ टास्क पूरे करने पर उन्हें भुगतान भी मिला। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। बाद में ठगों ने ज्यादा कमाई का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने शुरू कर दिए।

पीड़िता ने 11 अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए

17 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच पीड़िता ने 11 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1,77,300 रुपये ठगों के खातों में भेज दिए। जब उन्होंने अपनी जमा की गई रकम वापस मांगी तो ठगों ने 40 हजार रुपये लौटाने का भरोसा दिया। लेकिन हर बार कोई नया टास्क पूरा करने और अतिरिक्त पैसे जमा करने की शर्त रखकर उन्हें बहलाते रहे। जब पीड़िता को समझ आया कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद साइबर थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।

FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई

पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उन्हें फ्रीज कराने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही टेलीग्राम आईडी, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।