बांकीपुर में चारा घोटाले की आंच से बदला BJP का उम्मीदवार ! अब भाजपा के नए उम्मीदवार नीरज सिन्हा के बायोडाटा की बड़ी गलती

अभिषेक बंटी की जगह भाजपा ने बांकीपुर मंडल अध्यक्ष नीरज सिन्हा को मैदान में उतार दिया। लेकिन प्रत्याशी बदलने के कुछ ही घंटों बाद नीरज सिन्हा भी विवादों में आ गए।

Bankipur Assembly By-Election - फोटो : news4nation

 Bankipur Assembly by-election : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रत्याशी बदलना अब केवल एक राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि चर्चा और विवाद का बड़ा विषय बन गया है। पहले युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक बंटी (अभिषेक कुमार सिन्हा) को टिकट दिया गया, उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया, लेकिन अगले ही दिन अचानक अपना नाम वापस ले लिया। आधिकारिक तौर पर उन्होंने इसकी वजह "पारिवारिक कारण" बताई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे महज औपचारिक कारण माना जा रहा है।


सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अभिषेक बंटी के माता-पिता का नाम बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े मामलों में सामने आया था। यही वह घोटाला है, जिसे लेकर भाजपा तीन दशक से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लालू प्रसाद यादव पर लगातार हमला बोलती रही है। ऐसे में विपक्ष को भाजपा पर पलटवार का मौका मिल सकता था। माना जा रहा है कि इसी संभावित राजनीतिक नुकसान को देखते हुए पार्टी ने अंतिम समय में उम्मीदवार बदलने का फैसला लिया। हालांकि भाजपा ने इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है।


12 वर्ष की उम्र में भाजपा के सदस्य

अभिषेक बंटी की जगह भाजपा ने बांकीपुर मंडल अध्यक्ष नीरज सिन्हा को मैदान में उतार दिया। लेकिन प्रत्याशी बदलने के कुछ ही घंटों बाद नीरज सिन्हा भी विवादों में आ गए। पार्टी की ओर से जारी उनके पहले बायोडाटा में जन्म वर्ष 1994 बताया गया, जबकि उसमें यह भी लिखा गया कि उन्होंने 2006 में भाजपा की सदस्यता ली थी। यानी रिकॉर्ड के अनुसार वे महज 12 वर्ष की उम्र में भाजपा के सदस्य बन गए थे। यह गलती सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों की बाढ़ आ गई। बाद में भाजपा ने संशोधित बायोडाटा जारी किया, जिसमें पार्टी से जुड़ने का वर्ष हटा दिया गया। हालांकि विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर जल्दबाजी और तथ्यों की जांच किए बिना दस्तावेज जारी करने का आरोप लगाया।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर जैसे भाजपा के पारंपरिक गढ़ में उम्मीदवार बदलना पार्टी की रणनीतिक मजबूरी भी हो सकती है। लेकिन अचानक प्रत्याशी बदलने और फिर नए उम्मीदवार के बायोडाटा में गलती सामने आने से विपक्ष को भाजपा पर हमले का नया मौका मिल गया है।

 

बेहद दिलचस्प मुकाबला 

बांकीपुर उपचुनाव इस बार बेहद दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने नीरज सिन्हा को मैदान में उतारा है, जबकि जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी राजनीति में किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। इस कारण मुकाबला त्रिकोणीय और हाई-प्रोफाइल माना जा रहा है।


निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई, नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई और नाम वापसी की अंतिम तिथि 16 जुलाई है। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी और 1995 से यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती है।