भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में पवन सिंह ने उठाए सवाल, सीएम सम्राट से कर दी बड़ी मांग

भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में 17 जून को पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसे लेकर अब भोजपुरी अभिनेता और भाजपा एमएलसी पवन सिंह ने सवाल उठाया है

Bharat Tiwari Encounter Case- फोटो : news4nation

Bihar News :  भोजपुर जिले के बेलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भोजपुरी अभिनेता और भाजपा से बिहार विधान परिषद सदस्य पवन सिंह ने मामले में शोक व्यक्त करते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पवन सिंह ने जारी बयान में कहा कि भरत भूषण तिवारी समाज के लिए संघर्ष करने वाले जागरूक और संवेदनशील व्यक्ति थे, जिन्होंने गरीबों, दलितों, बाढ़ पीड़ितों और जरूरतमंद लोगों की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी की मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।


उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है और कानून का शासन तभी मजबूत माना जाता है जब हर मामले की निष्पक्ष जांच हो। पवन सिंह ने बिहार सरकार और संबंधित अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि वह जल्द ही पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करेंगे।

गौरतलब है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में 17 जून को पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ की स्थिति बनी थी, जबकि परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था और इसके बावजूद उन्हें गोली मारी गई। इस घटना के बाद से पूरे मामले को लेकर विवाद गहरा गया है और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस जारी है।


मामले में बढ़ते विवाद और विभिन्न राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों की मांग के बाद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने कहा है कि मामले की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराई जाएगी ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल हो सके। इस बीच मामले को लेकर लगातार नई प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने भी जांच की मांग का समर्थन किया है। ऐसे में न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर अब सबकी नजरें टिकी हुई हैं।