राज्यसभा चुनाव: भूमिहार फैक्टर से एनडीए की बढ़ी चिंता, राजद उम्मीदवार एडी सिंह को हराने की खास रणनीति

सूत्रों के अनुसार सत्तारूढ़ NDA गठबंधन में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ विधायक स्वजातीय उम्मीदवार होने के कारण राजद प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

राज्यसभा चुनाव- फोटो : news4nation

Rajya Sabha Election :  बिहार में पांच सीटों पर हो रहे राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले विधायकों का जातीय समीकरण एनडीए की चिंता बढ़ा रहा है। खास तौर पर राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार एडी सिंह के मैदान में उतरने के बाद सत्ता पक्ष में अंदरखाने चर्चा तेज है।राजद ने राज्यसभा के लिए एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है, जो जाति से भूमिहार हैं। बिहार विधानसभा में एनडीए के भीतर भी बड़ी संख्या में भूमिहार विधायक हैं। 


ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन में यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ विधायक स्वजातीय उम्मीदवार होने के कारण राजद प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसी संभावना को देखते हुए एनडीए ने अंदरूनी स्तर पर एक रणनीति बनाई है। इसके तहत जदयू के भूमिहार विधायकों से कहा गया है कि वे नीतीश कुमार को वोट दें, जबकि भाजपा के भूमिहार विधायक नितिन नवीन को वोट करेंगे। माना जा रहा है कि इस रणनीति के जरिए एनडीए क्रॉस वोटिंग की आशंका को कम करना चाहता है।


दरअसल एनडीए के उम्मीदवारों के सामाजिक समीकरण पर भी चर्चा हो रही है। जदयू से उम्मीदवार नीतीश कुमार कुर्मी जाति से आते हैं, जबकि रामनाथ ठाकुर नाई समुदाय से हैं। भाजपा के उम्मीदवार नितिन नवीन कायस्थ जाति से हैं और शिवेश कुमार दलित समाज से आते हैं। वहीं राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा कुशवाहा समुदाय से हैं।


ऐसे में एनडीए के पांच उम्मीदवारों में कोई भी सवर्ण चेहरा नहीं है, जबकि राजद ने अपने एकमात्र उम्मीदवार के रूप में भूमिहार समुदाय से आने वाले एडी सिंह को मैदान में उतारा है। इसी वजह से चुनाव में जातीय समीकरण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।


बिहार विधानसभा में संख्या बल

बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कम से कम 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। 202 विधायक होने से एनडीए खेमे की स्थिति मजबूत है और 4 सीट आसानी से जीत सकते हैं. पांचवीं सीट के लिए एनडीए को 38 विधायकों का समर्थन है ऐसे उन्हें 3 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत होगी. 


विपक्षी खेमे की स्थिति:

राजद 25 विधायक, कांग्रेस 6 विधायक, वाम दल – 3 विधायक, आईपीपी 1 जबकि एआईएमआईएम के 5 और बसपा के 1 विधायक हैं. इस प्रकार पांचवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एनडीए जहां अपने संख्या बल के आधार पर चार सीटों पर जीत सुनिश्चित मान रहा है, वहीं पांचवीं सीट को लेकर राजद और एनडीए दोनों खेमों में रणनीतिक गणित और सियासी जोड़-तोड़ तेज हो गई है।

रंजन की रिपोर्ट