वाहन चालकों के लिए बड़ी चेतावनी: बिहार में 23 लाख से अधिक पुरानी गाड़ियों पर HSRP नहीं, त्योहारों पर परिवहन विभाग का सख्त चेकिंग अभियान

बिहार में 23 लाख से अधिक पुरानी गाड़ियों में अब तक HSRP (हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट) नहीं लगी है। त्योहारों के दौरान परिवहन विभाग और पुलिस अब ऐसे वाहनों पर विशेष सख्ती बरतेगी। नंबर छिपाने या नियमों तोड़ने पर वाहन जब्त तक हो सकते हैं।

बिहार में 23 लाख गाड़ियों पर पुरानी नंबर प्लेट, त्योहारों में पकड़े जाने पर हो सकती है ये कार्रवाई- फोटो : news 4 nation AI

बिहार में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के दौड़ रहीं पुरानी गाड़ियों पर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्य भर में अब भी 23 लाख से अधिक पुरानी गाड़ियां ऐसी हैं, जिनमें नई तकनीक वाली नंबर प्लेट नहीं लग सकी है। आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए विभाग ने सभी जिलों को विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त चेकिंग और कानूनी कार्रवाई करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।



अपराध और 'हिट एंड रन' मामलों में पुरानी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल

परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि राज्य की करीब 11 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं और 17 प्रतिशत 'हिट एंड रन' (हादसे के बाद भागने) के मामलों में पुरानी या साधारण नंबर प्लेट वाली गाड़ियां ही शामिल पाई गई हैं। ऐसी गाड़ियों के नंबर स्पष्ट न होने के कारण पुलिस और प्रशासन को अपराधियों व नियम तोड़ने वाले चालकों की पहचान करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।



सीसीटीवी कैमरों को चकमा देने की साजिश: कपड़ा ढंकने वालों पर भी गिरेगी गाज

विभाग की जांच में पाया गया है कि कई वाहन चालकों ने एचएसआरपी लगवाने के बावजूद नंबर प्लेट को कपड़े, मिट्टी या अन्य चीजों से ढंक रखा है, ताकि सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे उनका नंबर न पढ़ सकें। कैमरों में नंबर दर्ज न होने से ऑनलाइन चालान काटने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि जानबूझकर नंबर छिपाने या छेड़छाड़ करने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और गंभीर मामलों में गाड़ी भी जब्त होगी।



ट्रैक्टर, मिनी बस और विक्रमों पर हाथ से लिखे नंबरों पर लगेगा बैन

सड़क सुरक्षा जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि राज्य में चल रहे ट्रैक्टर, मिनी बस और विक्रम जैसे व्यावसायिक व कृषि वाहनों पर अक्सर हाथ से नंबर लिखे होते हैं। धुंधले या हाथ से लिखे इन नंबरों के कारण वाहनों का सही डेटाबेस मैच नहीं हो पाता। विभाग ने निर्देश दिया है कि इस तरह के सभी पात्र वाहनों में अविलंब एचएसआरपी लगाना अनिवार्य कराया जाए और लापरवाही बरतने वाले वाहन मालिकों पर शिकंजा कसा जाए।


त्योहारों के दौरान सड़कों पर सघन चेकिंग अभियान

आगामी त्योहारों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस मिलकर सड़कों पर विशेष निगरानी अभियान चलाएंगे। प्रमुख चौराहों, चेक पोस्टों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एचएसआरपी की जांच की जाएगी। विभाग का मानना है कि सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी प्लेट लगने से न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित होगा, बल्कि आपराधिक गतिविधियों और वाहन चोरी पर भी काफी हद तक लगाम लगेगी।


ऑनलाइन चालान और पारदर्शी व्यवस्था के लिए HSRP जरूरी

स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के तहत राज्य की प्रमुख सड़कों और शहरों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है, जो अपने आप नंबर प्लेट स्कैन कर ई-चालान जारी करते हैं। हालांकि पुरानी और अनधिकृत नंबर प्लेट इस डिजिटल व्यवस्था के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। विभाग ने राज्य के सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माने और असुविधा से बचने के लिए जल्द से जल्द अपने वाहनों पर एचएसआरपी लगवाएं।